
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 29, 2018 3:54 PM IST
बहुत से लोग अक्सर स्ट्रोक या हार्ट अटैक को एसिडिटी समझने की ग़लती कर बैठते हैं। © Shutterstock
मेरी उम्र 30 साल है। मुझे अक्सर एसिडिटी की समस्या रहती है। कुछ समय पहले मेरे चाचा की अचानक हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई है। इससे पहले कभी उन्हें हार्ट अटैक नहीं हुआ था और मौत से पहले वाली रात खाना खाने के बाद उन्होंने एसिडिटी होने की शिकायत की। वह आराम करने चले गए लेकिन कुछ समय बाद पता चला कि उनकी मृत्यु हो गयी। चाचा जी के साथ जो कुछ भी हुआ उसकी वजह से अब मुझे इस बात की चिंता हो गई है। क्या यह समझने का कोई तरीका है कि एसिडिटी और हार्ट अटैक में क्या अंतर है? इन दोनों के बीच का अंतर कैसे पता चल सकता है और किसी स्थिति में कैसी सावधानियां बरतनी चाहिए।
इस सवाल का जवाब दिया सीनियर इंटरवेनशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निलेश गौतम ने।
बहुत से लोग अक्सर स्ट्रोक या हार्ट अटैक को एसिडिटी समझने की ग़लती कर बैठते हैं। दरअसल इसकी वजह सही जानकारी की कमी है। इसके अलावा लोग नियमित रूप से अपना चेक-अप भी नहीं करवाते हैं। आपको यह समझना होगा कि एसिडिटी और हार्ट अटैक दोनों के लक्षण बिल्कुल एक जैसे नहीं होते हैं, इसीलिए इनके लक्षणों को समझने की कोशिश करें। इन दोनों के लक्षणों में अंतर इन बातों के आधार पर किया जा सकता है