कहीं आप हार्ट अटैक को एसिडिटी तो नहीं समझ रहे?

एसिडिटी और हार्ट अटैक में क्या अंतर है?

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 29, 2018 3:54 PM IST

मेरी उम्र 30 साल है। मुझे अक्सर एसिडिटी की समस्या रहती है। कुछ समय पहले मेरे चाचा की अचानक हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई है। इससे पहले कभी उन्हें हार्ट अटैक नहीं हुआ था और मौत से पहले वाली रात खाना खाने के बाद उन्होंने एसिडिटी होने की शिकायत की। वह आराम करने चले गए लेकिन कुछ समय बाद पता चला कि उनकी मृत्यु हो गयी। चाचा जी के साथ जो कुछ भी हुआ उसकी वजह से अब मुझे इस बात की चिंता हो गई है। क्या यह समझने का कोई तरीका है कि एसिडिटी और हार्ट अटैक में क्या अंतर है? इन दोनों के बीच का अंतर कैसे पता चल सकता है और किसी स्थिति में कैसी सावधानियां बरतनी चाहिए।

इस सवाल का जवाब दिया सीनियर इंटरवेनशनल कार्डियोलॉजिस्ट  डॉ. निलेश गौतम ने।

बहुत से लोग अक्सर स्ट्रोक या हार्ट अटैक को एसिडिटी समझने की ग़लती कर बैठते हैं। दरअसल इसकी वजह सही जानकारी की कमी है। इसके अलावा लोग नियमित रूप से अपना चेक-अप भी नहीं करवाते हैं। आपको यह समझना होगा कि एसिडिटी और हार्ट अटैक दोनों के लक्षण बिल्कुल एक जैसे नहीं होते हैं,  इसीलिए इनके लक्षणों को समझने की कोशिश करें। इन दोनों के लक्षणों में अंतर इन बातों के आधार पर किया जा सकता है

  1. मतली- यह एसिडिटी का एक आम लक्षण हैं। लेकिन अगर सुबह से बिना किसी कारण आपको उल्टी की इच्छा हो रही है तो वह हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं।
  2. अगर आपको सुबह पेट में जलन, पेट के आसपास तेज़ दर्द महसूस हो रहा है तो दिल के दौरा पड़ने की खतरा बन सकता है।
  3.  जबड़े के ऊपरी भाग में दर्द होना, बायें हाथ में दर्द, बहुत अधिक पसीना आने पर हार्ट अटैक की संभावना हो सकती है।
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