kk death reason: सीपीआर से बच सकती थी सिंगर की जान, जानें क्या है यह खास टेक्निक जो मरते व्यक्ति को बचा लेती है
kk death reason: सीपीआर से बच सकती थी सिंगर की जान, जानें क्या है यह खास टेक्निक जो मरते व्यक्ति को बचा लेती है
What is CPR in Hindi: डॉक्टर ने बताया कि बॉलीवुड सिंगर केके के हृदय में कुछ रुकावट हो गई थी और अगर उसे समय पर सीपीआर दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। जानिए क्या है सीपीआर प्रोजीजर जिसकी मदद से मरते-मरते व्यक्ति को भी जिंदा किया जा सकता है।
Written By:
Mukesh Sharma
| Published : June 3, 2022 10:30 AM IST
बीते मंगलवार रात लाइव कॉन्सर्ट के बाद बॉलीवुड के जाने-माने सिंगर कृष्णकुमार कुन्नाथ (Krishnakumar Kunnath) का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। केके की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में काफी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार केके का हार्ट में असाधारण रूप से रुकावट हो गई थी और अगर उन्हें समय पर सीपीआर (CPR for cardiac arrest) दिया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससीटेशन (Cardiopulmonary resuscitation) इमरजेंसी में की जाने वाली एक खास प्रोसीजर है, जिसकी मदद से मस्तिष्क की कार्यप्रक्रिया को बंद होने से रोकने की कोशिश की जाती है। चलिए जानते हैं क्या है सीपीआर और इसे कैसे किया जाता है
सीपीआर क्या है (What is CPR Technique)
सीडीसी की वेबसाइट पर मिली जानकारी के अनुसार कार्डियोपल्मोनरी रिससीटेशन एक ऐसी तकनीक है, जो किसी व्यक्ति के सांस या दिल की गति रुक जाने पर उसका जीवन बचा सकती है। जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना बंद कर देता है, तो इसका मतलब है कि उसे कार्डियक अरेस्ट हुआ है। दिल धड़कना बंद होने पर वह रक्त को शरीर के सबसे जरूरी अंगों जैसे मस्तिष्क व फेफड़ों तक नहीं पहुंचा पाता है। इन अंगों तक रक्त न पहुंच पाने पर कुछ ही मिनटों में व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
सीपीआर कैसे की जाती है (How CPR Technique is done)
सीपीआर के दौरान एक विशेष लय बनाते हुए मरीज की छाती को दबाया जाता है, ताकि रक्त पंप करने की प्रक्रिया को दबाव के साथ कुछ समय तक चालू रखा जा सके। छाती पर पड़ने वाले दबाव से भी कुछ समय तक खून को शरीर में पंप करने में मदद कर सकता है।
सीपीआर से पहले रखें इन बातों का ध्यान (What to know before performing CPR)
अगर कोई व्यक्ति इमरजेंसी में है, तो आपको सीपीआर से पहले इन बातों का ध्यान देना जरूरी है -
सबसे पहले एंब्युलेंस को कॉल करें - 102 पर कॉल करने के बाद आपको आसपास के वातावरण की स्थिति को देखना है, जैसे आग, सड़क दुर्घटना या अन्य कोई स्थिति आदि। कोशिश करें कि आप और व्यक्ति सुरक्षित जगह पर हो।
मरीज को पीठ के बल लिटाएं - इसके बाद आपको व्यक्ति को पीठ के बल लिटाना है, ताकि उसके श्वसन मार्ग खुल सकें और आप छाती को देख पाएं। साथ ही उसका मुंह भी चेक करें कि कहीं उल्टी, जीभ या किसी अन्य कारण से उसके श्वसन मार्ग रुके हुए तो नहीं हैं।
सांस चेक करें - साथ ही साथ आपको यह भी चेक करना है कि व्यक्ति सांस ले रहा है या नहीं। अपने कान को व्यक्ति की नाक या मुंह के पास लाएं और कम से कम 10 सेकिंड तक सांस या किसी भी आवाज को सुनने की कोशिश करें।
सीपीआर के स्टेप्स (CPR Steps)
Step 1 - अगर आपको किसी वयस्क को सीपीआर देना है, तो एक हाथ के ऊपरी हिस्से पर दूसरे हाथ की हथेली रखें और उंगलियों को मोड़ते हुए नीचे वाले हाथ की उंगलियों में फंसा लें।
Step 2 - अब हाथ ही इसी मुद्रा को छाती पर रखें और 2 इंच के दबाव के साथ 30 बार गिनते हुए दबाएं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आप हर बार छाती को दबाने के दौरान साथ ही साथ छाती को ऊपर आने का समय भी दे रहे हैं।
Step 3 - इसके बाद हाथ से मरीज की नाक को बंद करें और उसका मुंह खोलकर उसपर अपना मुंह रखें और हवा फूंके ताकि उसकी छाती फैल सके। अगर हवा के साथ छाती खुल नहीं रही है, तो इसका मतलब उसका दम घुट रहा है। ऐसे में आपको उसके मुंह में किसी प्रकार की रुकावट की जांच करनी है और गर्दन को सीधा रखना है।
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