
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 14, 2023 7:31 AM IST
Ban On mayonnaise production and consumption in Kerala:केरल सरकार ने शुक्रवार को कच्चे अंडों से बनने वाली मेयोनेज के उत्पादन पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का फैसला किया। मिली जानकारी के अनुसार स्टेक होल्डर्स् के साथ एक मीटिंग के बाद राज्य सरकार की तरफ से यह फैसला लिया गया कि, बिना उबाले या कच्चे अंडों से बनी मेयोनेज का उत्पादन नहीं किया जाएगा और ना ही होटलों और रेस्टोरेंट्स में इन्हें परोसा जाएगा। समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने यह निर्णय होटलों और रेस्टोरेंट्स में परोसे जाने वाले भोजन की क्वालिटी को बनाए रखने और फूड पॉयजनिंग की वजह से होने वाले मौतों के मामलों को ध्यान में रखते हुए किया है। ( Ban On mayonnaise production and consumption in Kerala in Hindi)
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार की तरफ से जहां कच्चे अंडे के मेयोनेज (raw egg mayonnaise) के उत्पादन और इस्तेमाल पर रोक लगाई जा रही है वहीं, वेजिटेबल्स मेयोनेज (vegetable mayonnaise) और पाश्चराइज्ड अंडों से बनी मेयोनेज के उत्पादन और प्रयोग से जुड़े कोई नयी पाबंदी लागू नहीं की जा रही। बता दें कि केरल में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की तरफ से पिछले कुछ दिनों में राज्य की अलग-अलग जगहों पर होटलों में व्यापक स्तर पर छापे मारे गए हैं। होटलों द्वारा फूड सेफ्टी से जुड़े प्रमुख नियमों की अनदेखी करने की शिकायत के बाद ये छापे मारे गए हैं। वहीं, केरल राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज (Veena Gorge , Health Minister of Kerala State) ने आश्वासन दिया था कि, होटलों के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और नई गाइ़लाइंस भी जारी की जाएंगी।

मेयोनेज अंडे, वेजिटेबल ऑयल, सरसों और नींबू के रस या विनेगर जैसी चीजों का एक मिश्रण है और इस सफेद क्रीमी पेस्ट का इस्तेमाल सलाद से लेकर सैंडवीच, बर्गर और अलग-अलग तरह के स्नैक्स के साथ किया जाता है।
आमतौर पर कम्पनियों द्वारा मेयोनेज का उत्पादन अंडों को उबालकर किया जाता है। लेकिन, घरेलू स्तर पर होटलों द्वारा अपने इस्तेमाल के लिए मेयोनेज बनाते समय उसमें कच्चे अंडे के पीले भाग या एक यॉक का इस्तेमाल किया जाता है। यह एग यॉक बैक्टेरिया पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है और मेयोनेज में बैक्टेरिया उत्पन्न होने लगते हैं। यही बैक्टेरिया पेट में पहुंचने के बाद इंफेक्शन और फूड पॉयजनिंग का खतरा बढ़ा देते हैं।