केरल में 1 नवंबर से खुल सकते हैं स्कूल-कॉलेज, छात्रों की सुरक्षा के लिए केरल सरकार ने बनायी यह योजना

बच्चों को ये  टैबलेट्स उनके घरों तक पहुंचायी जाएंगी और यह पूरी तरह मुफ्त होंगी।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 30, 2021 6:30 PM IST

Schools Reopening In Kerala:कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित रहने वाले केरल राज्य में सरकार द्वारा 1 नवंबर से राज्य के सभी स्कूलों को दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है। इस बीच बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए एहतियातन होम्योपैथिक निवारक गोलियों के वितरण के बारे में भी योजना पर काम कर रही है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण का प्रकोप अभी भी केरल राज्य में देखा जा सकता है, जहां दैनिक स्तर पर कोविड-19 संक्रमण के मामलों की संख्या अधिक रही है। (homeopathic tablets ahead of schools reopening)

केरल के स्कूली बच्चों को बांटी जाएंगी प्रिवेंटिंग टैबलेट्स

बता दें कि, राज्य में कोरोना महामारी की पहली लहर के साथ ही स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान  बंद कर दिए गए थे। केरल राज्य के अंतर्गत आनेवाले सभी स्कूल, कॉलेज और संस्थाएं मार्च 2020 के तीसरे सप्ताह से ही बंद थीं। वहीं, कॉलेजों में फाइनल ईयर की कक्षाएं अक्टूबर महीने में फिर से शुरू हो सकती हैं। मिली जानकारी के अनुसार, स्कूलों के फिर से खुलने से पहले केरल राज्य सरकार होम्योपैथिक गोलियों के मुफ्त वितरण पर विचार कर रही है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रिवेंटिव टैबलेट्स बांटने की इस योजना पर केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी और स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के बीच चर्चा हो चुकी है। मीडिया से बात करते हुए शिवनकुट्टी ने कहा, "इस विषय पर अभी और चर्चा होगी और हम इन दवाइयों को हर बच्चे तक स्कूल खुलने से पहले पहुंचाने के लिए आश्वस्त हैं। बच्चों को ये  टैबलेट्स उनके घरों तक पहुंचायी जाएंगी और यह पूरी तरह मुफ्त होंगी।"

इस तरह से हो रही है बच्चों को स्कूल वापस बुलाने की तैयारी

नये सेशन में पढ़ाई करने के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किए जा रहे हैंऔर सैद्धांतिक रूप से यह तय किया गया है कि,

  • स्कूल खुलने के शुरुआती हफ्तों में बच्चे बिना यूनिफॉर्म के भी आ सकेंगे यानि उनके लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य नहीं होगी।
  • पहले कुछ हफ्तों में अध्ययन के लिए पाठ्यक्रम बच्चों के लिए सरल और अधिक स्वागत योग्य होगा और यह ऐसे विषयों पर केंद्रित होगा, जिसमें नियमित पाठ्यक्रम को थोड़ी देर के लिए रोक दिया जाएगा।
  • कक्षाओं की सटीक प्रकृति पर अधिक निर्णय एक विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाएगा जो इसके लिए रोड मैप तैयार कर रही है। शुरुआत में एक कक्षा में छात्रों की संख्या केवल 25 प्रतिशत होगी, जिसमें छात्र बारी-बारी से स्कूल आएंगे।
  • स्कूल बसों और अन्य वाहनों में कितने बच्चे एकसाथ यात्रा कर सकते हैं, इस पर भी दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं।

(आईएएनएस)

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