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Karnataka Hassan Heart Attack Deaths: कर्नाटक के हासन जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां पिछले 40 दिनों में 21 लोगों की जान हार्ट अटैक की वजह से चली गई है। कई मामलों में कार्डियक अरेस्ट की संभावना भी जताई गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि इनमें अधिकतर मौतें युवाओं की हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों लोगों में 62 प्रतिशत की उम्र 45 वर्ष से कम थी। यहां तक कि 5 मृतकों की उम्र केवल 19 से 25 साल के बीच थी। सिर्फ सोमवार के दिन ही 3 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और एक हाई लेवल जांच कमेटी बनाई गई है।
जो 21 लोग हार्ट अटैक की वजह से मारे गए हैं, उनमें से 5 की उम्र 19 से 25 साल के बीच थी। इसके अलावा, 8 लोग ऐसे थे जिनकी उम्र 25 से 45 वर्ष के बीच थी। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, बीते दो वर्षों में हार्ट अटैक की कुल 507 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 190 मामलों में मरीजों की जान चली गई।
राज्य सरकार ने इस बढ़ते हुए संकट से निपटने के लिए जयदेव कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज़ एंड रिसर्च संस्थान के निदेशक डॉ। रविंद्रनाथ की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है। इसके अलावा, इस कमेटी में NIMHANS, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज, सेंट जॉन्स, BMCRI, मणिपाल हॉस्पिटल्स और ICMR-NCDIR के सदस्य भी शामिल हैं।
इस मामले की गंभीर स्थिति को देखते हुए सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हम हासन की हर मौत को लेकर चिंतित हैं, सच्चाई सामने लाकर रहेंगे। पिछले एक महीने में केवल एक जिले हासन में 20 से अधिक लोग हार्ट अटैक से जान गंवा चुके हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। सरकार ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया है और सच्चाई का पता लगाने के लिए डॉ। रविंद्रनाथ (निदेशक, जयदेव हृदय विज्ञान संस्थान) की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की है। समिति को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिन 18 लोगों की जान हार्ट अटैक से गई, उनमें से 9 की उम्र 55 वर्ष से अधिक थी और वे अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे। लेकिन इसके बाद जिनकी मौत हुई, वे अधिकतर युवा थे। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि कुछ मरीज पहले से टाइप-1 डायबिटीज या किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे थे। हालांकि, हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन यहां इसकी संख्या अचानक इतनी क्यों बढ़ गई है, इसका ठोस कारण अब तक साफ नहीं है। सरकार ने समिति को 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।