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Written By: Pallavi Kumari | Published : August 1, 2022 9:24 AM IST
कोरोना वायरस का असर और इसमें होते बदलावों को लेकर अभी भी एक्सपर्ट्स कुछ ज्यादा नहीं कह पाए हैं। इसी बीच खबर है कि कोरोना कुछ लोगों को बार-बार हो रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ खास दवाइयों की मदद से कोरोना का इलाज करवाने वाले लोगों में कोविड रिइंफेक्शन का खतरा बार-बार देखा जा रहा है। दरअसल, हम बात अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (US President Joe Biden) की कर रहे हैं। वे फिर से कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि ये कोविड रिबाउंड (corona rebound effect) इफेक्ट है, जिसमें व्यक्ति को बार-बार कोरोना का खतरा रहता है। खास बात ये है कि 79 वर्षीय जो बाइडन में कोरोना के लक्षण सामने नहीं आए हैं और वे अच्छा महसूस कर रहे हैं। लेकिन वे कोरोना पॉजिटिव हैं, जिसके पीछे शोधकर्ता कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की गई दवाई Paxlovid को जिम्मेदार बता रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति को फिर से कोरोना हुआ है इसके पीछे Paxlovid नामक इस एंटीवायरस ड्रग के रिबाउंड इफेक्ट की बात सामने आ रही है। बता दें कि पैक्सलोविड (Paxlovid) फाइजर की एंटीवायरल दवा ( Pfizer's antiviral drug) है। इसे लेकर कुछ स्टडी और शोधकर्ता कई चीजें बता रहे हैं। बोस्टन में वेटरन्स एडमिनिस्ट्रेशन मेडिकल सेंटर (Veterans Administration Medical Center in Boston) के डॉ. माइकल चार्नेस की मानें तो, इस दवा से इलाज वाले बहुत से लोगों में कोविड रिबाउंड या कोविड रिइंफेक्शन के मामले देखे गए हैं।
बोस्टन में वेटरन्स एडमिनिस्ट्रेशन मेडिकल सेंटर (Veterans Administration Medical Center in Boston) के डॉ. माइकल चार्नेस और उनके सहयोगियों ने हाल ही में कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम के साथ मिलकर कोविड -19 के मामलों की जांच की, जो पैक्सलोविड (Paxlovid) उपचार के बाद वापस आते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कम से कम दो ऐसे उदाहरण मिले हैं जिनमें लोगों ने दूसरों को संक्रमित किया है जब उनका संक्रमण फिर से होता है।
एक मामले में 67 साल के शख्स ने 6 महीने के बच्चे को आधे घंटे के बाद बच्चे के पास से संक्रमित कर दिया। तो, दूसरे व्यक्ति को 12 दिन में दोबारा कोरोना हो गया। उन्होंने Paxlovid का पांच दिन का कोर्स किया था और बेहतर महसूस कर रहे थे। जब उसने बच्चे को देखा, जो उसका पोता था, तो उसे कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन लगभग आठ घंटे बाद, वह फिर से बीमार महसूस करने लगा। बच्चा लगभग तीन दिन बाद फिर पॉजिटिव आया। यह इंगित करता है कि आप कोरोना के लक्षणोंको विकसित करने से पहले ही रिबाउंड के दौरान संक्रमण को फैला भी सकते हैं।
हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि हमने अभी ये स्टडी बहुत कम लोगों पर ही की है। हालांकि, कुछ अन्य लोग भी हैं जो निश्चित रूप से वायरल रिबाउंड के शिकार नहीं हुए हैं, लेकिन कुछ लोगों में ये देखा गया है। इसलिए अभी इस पर और शोध की जरुरत है।