इंसक्योरिटी की भावना पर की बॉलीवुड स्टार्स ने बात, बताया इसे काम करने वाले लोगों की ज़िंदगी में आम

फ़िल्मी सितारों ने शेयर की कि क्यों उन्हें महसूस होती है अपने काम को लेकर असुरक्षा।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 15, 2019 9:39 AM IST

डर और असुरक्षा की भावना अलग-अलग मौकों, उम्र और स्थितियों में महसूस हो सकती है। इसी तरह लोग अपने कामकाज को भी लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं। क्या आपको लगता है कि आपकी नौकरी जाने के बाद आप कुछ नहीं कर पाएंगे?  इसे जॉब इंसक्योरिटी कहते हैं। यह भावना बड़ी हस्तियों ने भी स्वीकार की है। जिसके बारे में उन्होंने सामने आकर बात भी की।

हर चमकती चीज सोना नहीं होती'.. यह कहावत बॉलीवुड में स्टार बनने वाले कलाकारों पर सही तरीके से लागू होती है। एक कलाकार होना आसान नहीं होता। वह भी भारत जैसे देश में जहां लोग फिल्मों के दीवाने हैं।

सेलिब्रिटी का टैग मिलने के बाद चमक-धमक के साथ ही इसकी कुछ अच्छाइयां और बुराइयां भी आती हैं। ऐसे में कई सितारों आपको इसकी एक बुराई 'असुरक्षा' की भावना बताएंगे।

फिल्म अभिनेत्री ऋचा चड्ढा का मानना है कि अभिनय एक असुरक्षा की भावना वाला पेशा है, क्योंकि यहां एक की सफलता उन बातों पर निर्भर करती है, जो उस एक के नियंत्रण से बाहर है।

अभिनेत्री ने कहा, "यह क्षेत्र प्रतिस्पर्धी है और वहां बहुत सारे प्रतिभाशाली, मेहनती और योग्य लोग हैं। आपको हर बार अपनी बारीकी साबित करनी होगी। यह उस नौकरी की तरह नहीं है, जहां आपके वरिष्ठ होने के बाद आपकी पदोन्नति सुनिश्चित हो जाती है। सच तो यह है कि यहां अक्सर इसके विपरीत होता है।"

ऋचा ने आगे कहा, "फिल्म उद्योग में सफलता दूसरों की स्वीकृति पर निर्भर करती है जिस वजह से 'यह एक असुरक्षित जगह बन जाती है'।"

इस बारे में 'विक्की डोनर', 'काबिल' और 'उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक' से सफलता का स्वाद चख चुकीं यामी गौतम का कहना है, "असुरक्षा और डर आम मानवीय भावनाएं हैं। यह केवल अभिनेताओं या शो व्यवसाय के लोगों के लिए नहीं है। लेकिन, मुझे लगता है कि असुरक्षा बेहतर होती है, क्योंकि इसी वजह से आप हमेशा व्यापार में आगे बढ़ते हैं। आप अनुभव के साथ अधिक सुरक्षित हो जाते हैं। मेरी प्राथमिकता यही रहती है कि मैं उन किरदारों के साथ सही से न्याय करूं, जो मुझे पेश किए गए हैं। इससे आपके काम की सराहना होती है, जो आपके लिए प्रेरणा का काम करता है।"

वहीं फिल्म जगत में कुछ कलाकार ऐसे भी हैं, जिन्हें अपनी असुरक्षा जाहिर करने में कोई समस्या नहीं है। टाइगर श्रॉफ और समीरा रेड्डी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं।

टाइगर को खुद को 'असुरक्षित' महसूस करने और उसे बताने में कोई शर्म नहीं है। उन्होंने बताया कि वह असुरक्षावश लगातार प्रशंसा चाहते हैं।

समीरा ने आईएएनएस को बताया, "कलाकार आमतौर पर असुरक्षित होते हैं, क्योंकि यह एक भावनात्मक क्रिएटिव क्षेत्र है और यहां इस बात में कोई अंतर नहीं होता है कि आप एक उत्पाद के रूप में पेश किए गए हैं, एक ब्रांड के रूप में पेश किए गए हैं या फिर एक व्यक्ति के रूप में। यह बहुत मुश्किल है कि आप अपने काम को लेकर और लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं, इसे लेकर आप असुरक्षित महसूस न करें।"

इस पर पंकज त्रिपाठी ने आईएएनएस को बताया, "ऐसा नहीं है कि असुरक्षा अकेले अभिनय के पेशे के साथ आती है। यह सभी व्यवसायों में प्रचलित है। हालांकि मैं असुरक्षित नहीं हूं, क्योंकि जब आप असुरक्षित होते हैं तो भविष्य के बारे में बहुत अधिक सोचने लगते हैं। मैं वर्तमान में जीना पसंद करता हूं।"

अभिनेता विद्युत जामवाल ने विस्तृत रूप से बताया कि आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि एक अभिनेता के लिए सफलता आसान नहीं होती।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, "अभिनय पेशे में हम जो भी काम करते हैं, वह सार्वजनिक तौर पर राय देने के लिए उपलब्ध रहता है, और इस व्यवसाय में पेशेवर लगातार मीडिया की सुर्खियों में रहते हैं। कलाकार कड़ी मेहनत और जुनून का वो चेहरा होता है, जिसे कई लोग फिल्म बनाते समय भुनाते हैं, जिसकी वजह से वे बहुतों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हैं।"

इस विषय को कंगना रनौत द्वारा आईएएनएस को दिया गया पहले का एक बयान सही तरीके से रेखांकित करता है, जिसमें उन्होंने कहा था, "मुझे अन्य व्यवसायों के बारे में नहीं पता है, लेकिन यह पेशा बहुत अधिक असुरक्षा की भावना के साथ आता है। आप एक परियोजना पर काम करते हैं, तब आपको यकीन नहीं होता कि अगली परियोजना कब मिलेगी। कभी-कभी तो आप यह भी नहीं जानते कि बेहतरीन फिल्म का भविष्य क्या होगा।"

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