जापानी शोधकर्ताओं ने कहा, चावल खाने से नहीं बढ़ता मोटापा जरूर करें डाइट में शामिल

चावल में पाए जाने वाले फाइबर, पोषक तत्व और पौधों के घटक (प्लांट कॉम्पोनेंट्स) होने के कारण यह तृप्ति की भावना को बढ़ाता है और अधिक खाने से रोकता है।

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Written By: Anshumala | Published : May 3, 2019 12:45 PM IST

जापान में हुए एक शोध में यह कहा गया है कि राइस-बेस्ड जापानी या एशियाई स्टाइल डाइट को फॉलो करने से वजन को कम करने में मदद मिलती है। ऐसा जापानी शोधकर्ताओं के एक समूह द्वारा किए गए शोध में कहा गया है।

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क्योटो में स्थित डोशिशा वूमेंस कॉलेज ऑफ लिबरल आर्ट्स के शोधकर्ताओं के एक समूह नें 136 देशों के लोगों के खाने-पीने और रहन-सहन की आदतों की अच्छी तरह से जांच की। शोध के परिणामों में यह सुझाव दिया गया कि जिन देशों में चावल का सेवन कम मात्रा में किया जाता है, उनकी तुलना में चावल का सेवन करने वाले देशों में रहने वाले लोग अधिक दुबले-पतले होते हैं। यह शोध इस धारणा या विश्वास का खंडन करता है कि कार्बोहाइड्रेट को सीमित मात्रा में खाने से वजन कम होने में मदद मिलती है।

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अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर टोमोको इमाई का कहना है कि उन देशों में मोटापे का दर (ओबेसिटी रेट) काफी कम है, जो चावल को मुख्य भोजन के रूप में खाते हैं। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि 650 मिलियन लोगों में अनुमानित तौर पर 643.5 मिलियन लोगों में प्रत्येक दिन 50 ग्राम चावल का सेवन करने से मोटापा 1% तक कम हुआ।

यूके में रहने वाले लोग एक दिन में औसतन 19 ग्राम चावल का सेवन करते हैं, जो कनाडा, स्पेन और अमेरिका में रहने वाले लोगों से बहुत ज्यादा कम है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, चावल शरीर के हेल्दी वेट को बनाए रखने के लिए एक आदर्श खाद्य पदार्थ इसलिए भी है, क्योंकि यह लो-फैट अनाज इसे खाने वालों को उच्च फाइबर होने के कारण परिपूर्णता या पेट भरा हुआ होने का अहसास देता है।

इमाई का कहना है कि इस अनाज में पाए जाने वाले फाइबर, पोषक तत्व और पौधों के घटक (प्लांट कॉम्पोनेंट्स) होने के कारण यह तृप्ति की भावना को बढ़ाता है और अधिक खाने से रोकता है।

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