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असम और नागालैंड में कई दिनों से बाढ़ के हालात में जी रहा है। हालांकि, पिछले दो से तीन दिनों में स्थिति सुधार है लेकिन अब यहां बाढ़ के बाद के प्रकोप दिख रहे हैं। यहां अब जापानी इंसेफेलाइटिस (Japanese Encephalitis) के मामले नजर आ रहे हैं। असम में जहां 4 लोग इंसेफेलाइटिस के शिकार हो गय हैं वहीं, नागालैंड में अब तक जापानी इंसेफेलाइटिस (जापानी बुखार) के तीन मामले सामने आए हैं। मोकोकचुंग, वोखा और दीमापुर से एक-एक।
यहां जिला विक्टर बोर्न डिजीज ऑफिसर, दीमापुर, कवितो ने स्थानीय अखबार को बताया कि दो मरीजों को क्रिश्चियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च (सीआईएचएसआर) चुमौकेदिमा में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है, जबकि मोकोकचुंग के एक मरीज को जनवरी में सीआईएचएसआर में भर्ती कराया गया था, उसकी मृत्यु हो गई है।
इस बीच, राज्य में जापानी इंसेफेलाइटिस और डेंगू के मामले सामने आए हैं। राज्य वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम ने जनता को जागरूकता फैलाने और डेंगू की रोकथाम का अभ्यास करने के लिए अलग-अलग सलाह जारी की है। असम के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार, राज्य में अप्रैल से अब तक 23 लोगों की मौत फ्लेविवायरस वायरस से हुई है, जिसमें मनुष्यों के साथ-साथ जानवरों को भी संक्रमित करने की प्रवृत्ति है।
पिछले 24 घंटों में, असम में चार लोग जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित मोरीगांव और नलबाड़ी जिलों के दो-दो की राज्य में संक्रमण के कारण मौत हो गई है, जिससे राज्य में मरने वालों की संख्या 23 हो गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में राज्य में जापानी इंसेफेलाइटिस के कम से कम 16 नए मामले सामने आए हैं। इन ताजा मामलों में से, नागांव में चार, नलबाड़ी और उदलगुरी में तीन-तीन शिवसागर में दो और बारपेटा, कामरूप, कार्बी आंगलोंग ईस्ट और होजई जिले में एक-एक मामले पाए गए।
राज्य भर में अब तक जापानी इंसेफेलाइटिस के 160 मामले सामने आए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला प्रशासनों को एक जिला रैपिड रिस्पांस टीम बनाने और जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पर उचित उपाय करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में, जापानी एन्सेफलाइटिस और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम ने राज्य में 1,069 लोगों की जान ले ली है।
2018 में, राज्य में 277 लोगों ने जापानी इंसेफेलाइटिस और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से अपनी जान गंवाई है। जबकि 2019 में 514 लोगों की, 2020 में 147 और 2021 में 131 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में फिलहाल ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं है। पर नागालैंड और असम प्रशासन इस स्थिति को कंट्रोल में रखने की कोशिश कर रही है।