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अवैध पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का चलना 'गंभीर' मामला : उच्च न्यायालय

बिजॉन कुमार मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया आदेश। © Shutterstock

बिजॉन कुमार मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया आदेश।

दिल्‍ली में चल रहीं अवैध पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं और डाइग्‍नोस्टिक केंद्रों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उच्‍च न्‍यायालय ने इन्‍हें गंभीर मामला बताया है। साथ ही इन्‍हें बंद करवाने के उचित कार्रवाई के भी निर्दैश दिए। इस आशय का आदेश बुधवार को न्‍यायालय की ओर से जारी किया गया।  अदालत बिजॉन कुमार मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

दि‍ल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली सरकार को शहर में संचालित अवैध पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं और डाइग्नोस्टिक केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। न्यायमूर्ति रविंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी.कामेश्वर राव की पीठ ने कहा कि इस तरह की प्रयोगशालाओं और केंद्रों को चलाना एक 'गंभीर' मामला है।

पीठ ने सरकार से यह भी कहा कि वह यह बताते हुए शपथ पत्र दाखिल करे कि कैसे इनके संचालन को लेकर कानून बनने तक इसे नियंत्रित किया जाए।

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अदालत ने मामले की सुनवाई 30 नवंबर को मुकर्रर कर दी।

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अदालत इस मामले में बिजॉन कुमार मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

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