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प्रीमेंस्ट्रुअल सिंप्टम्स को नजरअंदाज करना ठीक नहीं, हो सकता है एसटीआई

एक शोध में कहा गया है कि मासिक धर्म से पहले होने वाले लक्षण गंभीर हैं तो उन्‍हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह एसटीआई यानी सेक्‍सुअली ट्रांसमिटेड इनफेक्‍शन का कारण हो सकते हैं।

मासिक धर्म शुरू होने से पहले हर महिला में पीएमएस के कुछ न कुछ लक्षण जरूर होते हैं। किसी में यह कम होते हैं, तो किसी में ज्‍यादा। एक शोध में कहा गया है कि मासिक धर्म से पहले होने वाले लक्षण (प्रीमेंस्ट्रुअल सिंप्टम्स), अगर गंभीर हैं तो उन्‍हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एसटीआई यानी सेक्‍सुअली ट्रांसमिटेड इनफेक्‍शन का कारण हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एसटीआई से ग्रसित कई महिलाओं में यह रोग पकड़ में नहीं आता, लेकिन उन्हें पीएमएस लक्षणों का सामना अधिक करना पड़ता है। यह अध्‍ययन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में किया गया है। मासिक धर्म महिलाओं के जीवन को बहुत प्रभावित करता है। यह उनके मूड, ऊर्जा के स्तर, खानपान संबंधी पसंद और यहां तक कि यौन जीवन को भी प्रभावित करता है। फिर भी महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी शोधों में इसे वैज्ञानिक कारक नहीं माना जाता है।

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कुछ यौन संक्रमण इस तरह के होते हैं जिनके कोई लक्षण नजर नहीं आते लेकिन वह प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसा ही एक रोग है क्लैमाइडिया जिससे प्रभावित 70 फीसदी लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं चलता। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि वैज्ञानिक समुदाय और महिलाओं को प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य को और गंभीरता से लेने की जरूरत है।

प्रमुख शोधकर्ता एलेक्जेंडरा अल्वरजीन ने कहा कि पीएमएस चक्रीय प्रतिरोधक क्षमता का उत्पाद हैं जिसके कारण रोग को पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसकी वजह से एसटीआई जैसे संक्रमणों की पहचान भी समय से नहीं हो पाती। इससे महिला की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। इस शोध में पीरियड पर नजर रखने वाले एक एप्प के 865 यूजरों के डेटा का इस्तेमाल किया गया।

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