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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 21, 2020 2:03 PM IST
क्या कलौंजी के बीज कोरोना वायरस से लड़ने में है सक्षम?
कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर दुनिया में काफी तेजी से फैलता जा रहा है, इसी के साथ इस बीमारी के इलाज को लेकर बहुत से मिथक सोशल मीडिया पर वायरल होते नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर आय दिन इस बीमारी को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। इसी कड़ी कलौंजी से जुड़े एक पोस्ट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है कि कलौंजी (Nigella Sativa) के बीजों में 100% हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) पाया जाता है, इसलिए कलौंजी कोरोना वायरस को रोकने में प्रभावी है।
वायरल हो रहे इस दावे में बताया जा रहा है कि अगर सुबह नाश्ते से पहले 7 ग्राम कलौंजी (Nigella sativa) के बीजों के साथ गर्म पानी का सेवन किया जाए, तो कोरोनावायरस का इलाज आसानी से किया जा सकता है। कलौंजी (Nigella sativa) के बीजों में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन नहीं पाया जाता है और ना ही इस बात का कोई सबूत है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन मनुष्यों में एंटीवायरल गतिविधि को बढ़ावा देता है।
भारतीय व्यजंनों में कलौंजी (Nigella sativa) का उपयोग स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। सेहत के लिए कलौंजी काफी अच्छा होता है। इसके बीजों से निकले तेल में थाइमोल, डाइथाइमोक्विनोन, थाइमोहाइड्रोक्विनोन (THQ), थाइमोक्विनोन (TQ), निगेलिसिन और निगेलिडाइन जैसे असंतृप्त वसीय अम्ल और यौगिक तत्व होते हैं। कलौंजी के बीजों में एंटी इंफ्लेमेटरी औऱ एंटीऑक्सिडेंट एंटीऑक्सिडेंट एंटीऑक्सिडेंट का गुण पाया जाता है।
कलौंजी के बीज (Nigella sativa) मौसमी एलर्जी को ठीक करने का गुण पाया जाता है। इसके सेवन से बहती नाक और सर्दी जुकाम जैसी समस्या में राहत मिलती है। अल्जीरिया में किए गए एक रिसर्च से संकेत मिला है कि कलौंजी के यौगिकों में अल्फा-हेडेरिन SARS-CoV-2 और नेगेलिडाइन वायरस के खिलाफ लड़के की क्षमता होती है।
मालूम हो कि अमेरिका के राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सरकार से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की मांग की थी, जिसके बाद से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। असल में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल एंटी-माइलेरिया की दवाई के रूप में किया जाता है। इसका कुछ समय के लिए एंटीवायरल प्रभावों के लिए अध्ययन किया गया है।
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एक लैंसेट अध्ययन के अनुसार, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कई वायरस के खिलाफ दवा के रूप में प्रभावी होता है। इसमें कोरोनावायरस और इन्फ्लूएंजा जैसे वायरस भी शामिल हैं। हालांकि, वैज्ञानिक द्वारा मनुष्यों पर फिलहाल यह परिणाम दोहराया नहीं गया है और ना ही पर्याप्त पशु अध्ययन किया गया है। यह दवा एक प्रभावी एंटी-वायरल एजेंट हो सकती है। कुछ दिन पहले चीन और फ्रांस एक छोटे से रिपोर्ट के अध्ययन में इस बात को बताया गया था कि COVID-19 के खिलाफ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की दवा अत्यधिक प्रभावी हो सकती है।
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मार्च में जब भारत में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने लगा, तो हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन दवा के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब पुन: हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का निर्यात होने लगा है। गौरतलब है कि नासा के वैज्ञानिकों ने भी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन को कोरोना से लड़ने में उपयोगी बताया था।
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