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Written By: Yogita Yadav | Published : September 20, 2018 2:21 PM IST
अलग-अलग शोधों में यह बात सामने आई है कि चर्बी कार्बनडाइऑक्साइड के रूप में भी निकलती है। © Shutterstock
क्या कभी आपने सोचा है कि आप जो चर्बी घटाते हैं वह आखिर जाती कहां है। कुछ लोगों का अनुमान कुछ हद तक तो ठीक है, पर यह पूरी तरह सही नहीं है। आइए जानते हैं आखिर कहां गायब हो जाती है शरीर पर यह जमी हुई चर्बी।
जब पूछा गया सवाल
स्वास्थ्य की दुनिया में दख़ल रखने वाले क़रीब 150 से ज़्यादा लोगों से ये सवाल पूछा गया। ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ वेल्स के प्रोफ़ेसर एजे ब्राउन और रिसर्चर रूबेन मीरमान भी उन लोगों में शामिल थे जिनसे ये पूछा गया कि चर्बी आख़िर कहां चली जाती है।
98 फीसदी गलत थे जवाब
इस सवाल के बहुत से जवाब मिले. कुछ तो बेहद मज़ेदार थे और कुछ बेहद चौंकाने वाले। हालांकि 98 फ़ीसदी जवाब तो ग़लत ही मिले। ज़्यादातर लोगों ने जवाब दिया कि जो चर्बी हम घटाते हैं वो ऊर्जा में बदल जाती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि इससे पदार्थ के संरक्षण के नियम का उल्लंघन होता है। कुछ लोगों ने जवाब दिया कि चर्बी, मांसपेशियों में बदल जाती है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि जो चर्बी हम घटाते हैं वो मल के रूप में हमारे शरीर से बाहर निकल जाती है।
असल में ये है सच्चाई
पाचन क्रिया और वज़न घटाने को लेकर पहले से ही काफी भ्रम हैं और कुछ वैसा ही भ्रम इस बात को लेकर भी है कि जो चर्बी घटाई जाती है उसका क्या होता है। प्रोफ़ेसर एंड्र्यू जे ब्राउन और रिसर्चर रूबेन मीरमान बताते हैं, दरअसल, चर्बी, कार्बन डाइ ऑक्साइड और पानी में तब्दील हो जाती है। कार्बन डाई ऑक्साइड को हम सांस छोड़ने के दौरान शरीर से बाहर निकाल देते हैं। रही बात पानी की तो ये विभिन्न शारीरिक क्रियाओं से होता हुआ अंत में पेशाब के रूप में बाहर निकल जाता है।
बल्कि हम जो कुछ भी खाते हैं वो कार्बन डाइ ऑक्साइड रूप में हमारे फेफड़ों से बाहर फेंक दिया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हम जो भी कार्बोहाइड्रेट और वसा लेते हैं वो कार्बन डाइ ऑक्साइड और पानी में टूट जाता है। साथ ही अल्कोहल के रूप में भी। उनके ये जवाब ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।
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यही प्रक्रिया प्रोटीन के साथ भी होती है। हालांकि कुछ चीज़ें यूरिया और दूसरे ठोस के रूप में भी बंट जाती हैं और बाद में मल के रूप में, पसीने के रूप में या यूरीन के रूप में शरीर से बाहर निकल जाती हैं। सिर्फ़ फ़ाइबर्स ही ऐसे होते हैं जो हमारे पेट तक पहुंचते हैं और पाचन क्रिया के बाद बचा हुआ अवशेष मल के रूप में बाहर आता है।
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लंबी सांसें छोड़ने से कम होगा वज़न?
अब अगर इस बात को सच माना जाए तो ये पता चलता है कि चर्बी का एक हिस्सा फेफड़ों से कार्बन डाइ ऑक्साइड के रूप में बाहर निकलता है। तो क्या अगर हम जल्दी-जल्दी और तेज़-तेज़ सांसें लें तो वज़न कम कर सकते हैं?
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नहीं... प्रोफ़ेसर एंड्र्यू जे ब्राउन और रिसर्चर रूबेन मीरमान ऐसा नहीं करने की चेतावनी देते हैं। वो कहते हैं ऐसा करने से चक्कर आ सकते हैं और ऐसा भी हो सकता है कि वो शख़्स बेहोश हो जाए। तो ऐसे में हेल्दी तरीक़े से वज़न कम करने का एकमात्र तरीक़ा सिर्फ़ यही है कि एक ओर डाइट में कैलोरी की मात्रा कम की जाए और इसके साथ-साथ फ़िजिकल एक्टिविटी पर ज़ोर दिया जाए।