
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : July 8, 2020 5:01 PM IST
कितना सुरक्षित है घर में बना सैनिटाइजर?
कोरोनावायरस महामारी से इस समय पूरी दुनिया जूझ रही है। लाखों लोगों को अपनी चपेट में लेने वाले इस वायरस का अभी तक इलाज नहीं मिल पाया है। हालांकि हमारे देश के वैज्ञानिकों समेत दुनियाभर के एक्सपर्ट कोरोना की दवा और वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। कोरोनावायरस से प्राथमिक स्तर पर बचने के लिए साफ सफाई, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया जाता है। कोरोना के संक्रमण से खुद को बचाने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में सैनिटाइजर लगाना फायदेमंद होता है। लेकिन पिछले कुछ समय से सैनिटाइजर की बढ़ती मांग को देखते हुए बाजारों में इनकी कमी साफ दिख रही है। जिसके चलते लोग घर में ही साफ और सुरक्षित सैनिटाइजर बनाना मुनासिब समझ रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि घर में बना सैनिटाइजर कितना सुरक्षित है? क्या इसे लगाने से वाकई वायरस मरते हैं? घर में सैनिटाइजर किस तरह बनाया जाए जो सुरक्षित हो? आज इस लेख में हम इन्हीं बिंदुओं पर प्रकाश डाल रहे हैं।
कई रिसर्च में यह साफ हो चुका है कि घर में बना सैनिटाइजर कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ने में सक्षम नहीं है। कई बार घर में बने सैनिटाइजर की गुणवत्ता और इसके असर पर वैज्ञानिक प्रश्न उठा चुके हैं। एक्सपर्ट; लोगों को सावधान कर रहे हैं कि जल्दबाजी में ऐसा कोई सैनिटाइजर न खरीदें जो फायदे की जगह नुकसान पहुंचाएं। किसी भी सैनिटाइजर को खरीदने से पहले उसके लेबल में लिखे इन्ग्रीडीअन्ट को जरूर पढ़ें। साथ ही घर में बना सैनिटाइजर कई बार फायदे की जगह नुकसान भी कर सकता है।
1. होममेड हैंड सैनिटाइज़र बनाने के लिए ऑनलाइन कई तरह की विधि उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोनोवायरस एक गंभीर वायरस है इसलिए DIY उत्पाद बेहतर विकल्प नहीं हो सकते हैं।
2. वे कहते हैं कि सैनिटाइजर बनाने की ऑनलाइन विधि कई लोगों के लिए बहुत मुश्किल होती है। जिसके चलते वह कई बार गलत प्रॉडक्ट यूज़ करते हैं या फिर उनकी मात्रा में गड़बड़ी हो जाती है, जिससे स्किन बर्न या अन्य तरह की समस्या हो सकती है।
3. विशेषज्ञों का कहना है कि साबुन और गर्म पानी से हाथ धोना COVID-19 से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय के संक्रामक रोग विशेषज्ञ व पीएचडी, एमएस स्टीफन मोर्स कहते हैं कि साफ हाथ संक्रमण को रोकने या फैलने से रोकने एक बहुत ही महत्वपूर्ण तरीका है। इसलिए साफ सफाई के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न करें। वह कहते हैं कि एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर में करीब 60 प्रतिशत इथेनॉल, करीब 62 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक आइसोप्रोपेनॉल होता है। ये सभी चीजें कोरोना नामक वायरस को 15 से 30 सेकंड में मार देती हैं। वह कहते हैं कि सैनिटाइजर कोई जादू नहीं है, इसलिए इसे भी काम करने में थोड़ा वक्त लगता है। सैनिटाइजर सिर्फ उस वक्त के लिए एक विकल्प होता है जब आप साबुन और पानी से हाथ धोने में असमर्थ हैं। यानि कि अगर हाथों को साफ करने के लिए साबुन और पानी से बेहतर और कुछ नहीं है।