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IVF के जरिए मां बनने वाली महिलाओं में ज्यादा होता है इस गंभीर बीमारी का खतरा, शोध में हुआ खुलासा

IVF pregnancy risks: इस शोध की मानें तो, आईवीएफ प्रेगनेंसी वाली महिलाओं में हाई बीपी की समस्या और प्रीक्लेम्पसिया की संभावना ज्यादा रहती है।

Written by Pallavi |Published : September 27, 2022 9:42 AM IST

Is an IVF pregnancy high risk: जब नेचुरल प्रेगनेंसी नहीं हो पाती है तो अक्सर लोग आईवीएफ प्रेगनेंसी (ivf pregnancy risks) की मदद लेते हैं। दरअसल, आईवीएफ प्रेगनेंसी में फ्रोजन एम्ब्रियो, एग्स और स्पर्म की मदद से फर्टिलाइजेशन को संभव करके प्रेगनेंसी की तैयारी की जाती है। लेकिन हाल ही में आया शोध बताता है कि आईवीएफ प्रेगनेंसी में फ्रोजन एम्ब्रियो (frozen embryos), हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंसिव डिसऑर्डर (Hypertensive Disorders of Pregnancy) से जुड़ा हुआ हो सकता है। यानी कि महिला में प्रेगनेंसी दौरान और इसके बाद भी हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या कहती है स्टडी?

यह अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जर्नल हाइपरटेंशन में सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार है, जिसमें तीन यूरोपीय देशों: डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन में लगभग तीन दशकों में 4.5 मिलियन से अधिक गर्भधारण पर डेटा शामिल था। नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और यूरोप के अन्य संस्थानों से के शोधकर्ताओं ने डेनमार्क से मेडिकल बर्थ रजिस्ट्रियों का विश्लेषण किया, जो 1994 और 2014 के बीच, नॉर्वे से 1984 से 2015 के बीच और स्वीडन से 1985 से 2015 तक के थे।

रजिस्ट्रियों में शामिल थे 4.4 मिलियन गर्भधारण नेचुरल थे, लेकिन 78,300 प्रेगनेंसी जिसमें फ्रोजन एम्ब्रियो ट्रांसफर किए गए थे उनमें 18,037 मामलों में हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े खतरे थे। शोधकर्ताओं ने समूहों में गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर वाली समस्याओं की तुलना की और पाया कि इस तरह के विकारों का जोखिम तेजी से बढ़ सकता है।

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प्रेगनेंसी में हाई ब्लड प्रेशर क्यों है खतरनाक-Pregnancy and high blood pressure

प्रेगनेंसी में हाई ब्लड प्रेशर जेस्टेशनल हाइपरटेंशन (Gestational Hypertension) का कारण बन सकता है। यह स्थिति तब होती है जब गर्भावस्था के दौरान आपका ब्लड प्रेशर हाई हो जात है और आपके मूत्र या हृदय या गुर्दे की अन्य समस्याओं में प्रोटीन नहीं होता है। यह आमतौर पर गर्भावस्था के 20 सप्ताह के बाद या प्रसव के करीब नजर आ सकत है।

प्रेगनेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर कई अन्य जोखिम भी पैदा करता है। जैसे प्लेसेंटा में कम रक्त प्रवाह। अगर प्लेसेंटा को पर्याप्त खून नहीं मिलता है, तो भ्रूण को कम ऑक्सीजन और कम पोषक तत्व प्राप्त हो सकते हैं। इससे बच्चे का विकास धीमा हो सकता , जन्म के समय वजन कम हो सकता है या समय से पहले बच्चे का जन्म हो सकता है।

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