... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: akhilesh dwivedi | Published : November 26, 2018 2:00 PM IST
Image credits by: इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) एक ऐसी परेशानी है जिसमें इंसान की बड़ी आंत प्रभावित होती है। ©Shutterstock.
इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) एक ऐसी परेशानी है जिसमें इंसान की बड़ी आंत प्रभावित होती है। वैसे तो इस बीमारी में मरीज के आंत की बनावट पर कोई असर नहीं पड़ता लेकिन रोगी को पाचन तंत्र में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार इसे रोगी के मन का वहम भी माना जाता है। रोगी को कब्ज, बार-बार दस्त लगना, पेट में दर्द और गैस जैसी समस्याएं होती हैं।
इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम रोगियों की शिकायतें अधिकतर रोगी डॉक्टर के पास निम्नलिखित शिकायतें लेकर आते हैं – जब भी मैं नाश्ता या खाना खाता हूँ तो मुझे शौच के लिए जाना पड़ता है। जब भी मै बाहर जाने को तैयार होता हूँ तो मुझे शौच के लिए जाने की जरूरत महसूस होती है। जब भी चाय, दूध जैसा पेय-पदार्थ लेता हूँ तो शौच के लिए जाने की जरूरत महसूस होती है। एक बार में पेट साफ नहीं होता है जिससे बार बार टॉयलेट जाना पड़ता है।
मोटापा और कब्जः कई बार कुछ लोगों में यह समस्या मोटापा और कब्ज के कारण होती है। बहुत से रोगियों में दिन में कई बार लगभग 7-8 बार शौच जाने की जरूरत होती है। कुछ लोगों में बीना किसी कारण के भी कब्ज की परेशानी हो जाती है।
गैस व अपचः कुछ लोगों में इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) गैस व अपच के कारण होता है। पेट में दर्द और बहुत ज्यादा गैस बनना और शौच में पेट ठीक से साफ न होना इसमें मुख्य परेशानी होती है। कुछ लोगों को आंव आने जैसी भी परेशानी हो जाती है।
कैसे करें बचाव
इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से बचाव के लिए खाने में पर्याप्त मात्रा में फाइबर लेना चाहिए। पेट में जब रेशे की मात्रा बढ़ती है तो समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है। चोकर युक्त आटा, हरी सब्जियां और फलों का सेवन फायदेमंद होता है।
इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) से बचने के लिए खराब खान-पान से बचना चाहिए। एल्कोहल, फास्टफूड और तलेभूने खाद्य़ पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। कॉफी और चाय का सेवन भी कम से कम करना चाहिए।
खान-पान में नियमितता रखनी चाहिए। कोशिश करें की आपके खाने का समय निश्चित हो। एक बार में ज्यादा खाने से बचना चाहिए। खाने में दही, छाछ को शामिल करना चाहिए।
रोजाना एक्सरसाइज जरूर करें। अगर एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं तो पैदल चलने की आदत डालें। योगा और एक्सरसाइज से इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) के छुटकारा पाया जा सकता है।
ये भी पढ़ेंः इन लक्षणों को कभी न करें इग्नोर, हो सकती है ये खतरनाक बीमारी।
ये भी पढ़ेंः रूबेला क्यों है खतरनाक, क्यों जरूरी है टीका लगवाना ?
ये भी पढ़ेंः रोवर एक्सरसाइज करने से होते हैं ये 6 फायदे।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.