
... Read More
Written By: Anshumala | Published : April 26, 2018 12:33 PM IST
क्या आप अपने बच्चे को लौह तत्वों (आयरन) और विटामिन बी12 से भरपूर आहार खाने को देती हैं? यदि हां, तो बहुत अच्छी बात है और नहीं तो उनके खानपान में इन तत्वों को शामिल करना शुरू कर दें। हाल ही में हुए एक शोध में पता चला है कि छोटे बच्चों में लौह तत्वों, विटामिन बी12 और खून की कमी होने के कारण, उनमें व्यवहार संबंधी समस्याएं जैसे चिंता व आक्रामकता बढ़ सकती है।
शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि लौह तत्व की कमी, एनीमिया और विटामिन बी12 की कमी की वजह से आठ साल की आयु वाले बच्चों में औसत की तुलना में आक्रमकता और नियमों को तोड़ने जैसे व्यवहार 10 फीसदी ज्यादा होते हैं। लौह तत्वों की कमी आंतरिक समस्याओं जैसे चिंता व अवसाद से जुड़ी होती है।
अमेरिका के मिशिगन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर एडुआडरे विल्मर का कहना है कि दिमाग के कुछ हिस्सों का विकास पूरे बाल्यावस्था के दौरान होता है। उन्होंने कहा कि दिमाग के बेसल गैंग्लिया (basal ganglia), हिप्पोकैंपस, एमिग्डला (amygdala) और प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स (prefrontal cortex) की संरचना में बदलाव व्यावहारिक समस्याओं को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
इस शोध का प्रकाशन 'जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन' में हुआ है। इसमें शोध दल ने पांच से 12 साल की उम्र के 3,200 बच्चों का परीक्षण किया था। यदि आप अपने बच्चे को व्यवहार संबंधी समस्याओं से बचाए रखना चाहती हैं, तो उन्हें हर दिन पर्याप्त मात्रा में वैसे आहार दें, जिनमें लौह तत्व और विटामिन बी12 प्रचुर मात्रा में मौजूद हों। विटामिन बी12 अंडा, दूध, चीज, मिल्क प्रोडक्ट्स, मीट, मछली आदि में पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। वहीं लौह तत्व पालक, चुकंदर, अनार, अंडा, रेड मीट, अनाज, ड्राई फ्रूट्स, सब्जियों आदि में प्रचुर मात्रा में होता है। इनके सेवन से बच्चों में खून की कमी भी नहीं होगी।
स्रोत-IANS Hindi.
चित्रस्रोत-Shutterstock.