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Written By: Pallavi Kumari | Published : May 31, 2022 9:28 AM IST
दुनियाभर में लोग कोरोना वायरस और मंकीपॉक्स को लेकर चिंताजनक स्थिति में है वहीं, इराक में गाय और भैसों पर बैठने वाली कीट के कारण फैल रही बीमारी से लोग परेशान हैं। वर्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, इस वर्ष इराक में मनुष्यों में 111 सीसीएचएफ मामलों में से 19 मौतें दर्ज की गई हैं। दरअसल, ये खून चूसने वाले टिक्स आम लोगों में क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (Crimean-Congo Hemorrhagic Fever) का कारण बन रहा है जो कि जानवरों से मनुष्यों में फैल रहा है। गौर करने वाली बात ये है कि इस कीट के काटने वाले इस वायरस के लिए कोई दवा या टीका नहीं है और स्थिति गंभीर होने पर लोगों की मौत हो जाती है।
डेडली नोड ब्लीड क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (CCHF) के रूप में जाना जाता है। पशु स्वास्थ्य के लिए विश्व संगठन (WOAH) CCHF को मनुष्यों में उच्च मृत्यु दर के साथ टिक्स द्वारा प्रसारित ''जूनोटिक बीमारी'' के रूप में परिभाषित करता है जो कि जानवरों से इंसानों में फैलता है।
CCHFV संक्रमित टिक्स जिसे भारत में कीट कहा जाता है इसके काटने से ये फैलता है। इराक में भी यही हो रहा है। दरअसल, संक्रमित टिक्स के रक्त या ऊतकों के सीधे संपर्क से, रक्तप्रवाह में वायरस मिल जाता है और फिर ये शरीर पर अपना असर दिखाने लगता है।
डेडली नोज ब्लीड फीवर कई बार अनियंत्रित रक्तस्राव यानी कि ब्लीडिंग का कारणबनता है। इसके अलावा इसके कारण लोगों को तेज बुखार और उल्टी की समस्या होती है। साथ ही नाक से खून निकले लगता है और कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है इसमें लोगों की मौत भी हो जाती है।
हालांकि, डब्ल्यूएचओ की मानें तो, ज्यादातर मामले किसानों, बूचड़खानों के श्रमिकों और पशु चिकित्सकों के बीच हैं। लोग मुख्य रूप से पशुओं पर टिक के माध्यम से संक्रमित होते हैं। इसके अलावा इंसानों में ये संक्रमित व्यक्तियों के रक्त, स्राव, अंगों या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के निकट संपर्क के जरिए हो सकता है। गौरतलब है कि इरान में इस समय स्थिति कंट्रोल में है और किसानों, बूचड़खानों के श्रमिकों और पशु चिकित्सकों को इस बीमारी को लेकर अलर्ट कर दिया है। साथ ही लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज लेने को कहा गया है।