International Youth Day 2019 : युवाओं में लगातार बढ़ती मानसिक बीमारियां, इन टिप्स को अपनाकर रहें मेंटली फिट

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस (International Youth Day 2019) पूरे विश्व में 12 अगस्त को मनाया जाता है। पहली बार वर्ष 2000 में इसका आयोजन आरम्भ किया गया था। उसके बाद से हर वर्ष 12 अगस्त को युवा दिवस मनाया जाता है।

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Written By: Anshumala | Published : August 11, 2019 10:51 AM IST

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस (International Youth Day 2019) पूरे विश्व में 12 अगस्त को मनाया जाता है। पहली बार वर्ष 2000 में इसका आयोजन आरम्भ किया गया था। उसके बाद से हर वर्ष 12 अगस्त को युवा दिवस मनाया जाता है।अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 2019 की थीम, "ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन" (Transforming education) है। International Youth Day 2019 पर इस थीम का मुख्य उद्देश्य है सभी युवाओं के लिए शिक्षा को अधिक प्रासंगिक, न्यायसंगत और समावेशी (Inclusive) बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डालना है।

हालांकि, युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य के लिए जिस तरह शिक्षा  बेहद जरूरी है, उसी तरह उनका मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहना भी बहुत जरूरी है। युवा मानसिक रूप से फिट रहेंगे, तभी वो अपनी पढ़ाई में भी आगे रहेंगे। आज कम उम्र में ही अधिकतर युवा (Mental fitness tips for youth) तनाव, अवसाद, दिल संबंधित रोगों, मोटापा, डायबिटीज आदि से ग्रस्त हो रहे हैं। इन सभी का मुख्या कारण है गलत खानपान, बेतरतीब लाइफस्टाइल आदि।

युवाओं को किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए उनका मानसिक रूप से फिट रहना (Mental fitness tips for youth) बेहद जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस (International Youth Day 2019) पर अपोलो हाॅस्पिटल्स के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने तनाव प्रबंधन पर कुछ सुझाव दिए, जिन्हें हर युवा को जरूर फॉलो करना चाहिए।

57 मिलियन युवा हैं डिप्रेशन के शिकार

2020 तक भारत की कुल आबादी में 34.33 फीसदी युवा होंगे। एक अनुमान के अनुसार, भारत में 57 मिलियन युवा (विश्वस्तरीय अनुमान का 18 फीसदी) हैं, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डिप्रेशन यानी अवसाद का शिकार हैं। साल दर साल मानसिक बीमारियों से पीड़ित युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई अध्ययनों और अनुसंधानों से साफ हो गया है कि युवाओं में मानसिक विकारों जैसे डिप्रेशन, चिंता, तनाव एवं नशीली पदार्थों की लत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सोशल मीडिया पर ढेरों दोस्त होने के बावजूद वे अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा काम, शिक्षा में बेहतर परफॉर्मेंस का तनाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ता है।

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नियमित करें शारीरिक व्यायाम

शारीरिक व्यायाम (exercises can help reduce stress in youth) तनाव को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है। आप किसी भी तरह का व्यायाम सकते हैं जैसे सैर करना, दौड़ना, वर्कआउट, पावर योग, एरोबिक्स और कार्डियो।

पूरी नींद लें

स्कूल के दिनों के दौरान होमवर्क, गतिविधियों, दोस्तों से मिलना, इन सब कामों के बीच किशोर अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते। किशोरों को कम से कम नौ घंटे की नींद जरूरी है, लेकिन आजकल अधिकतर किशोर इससे कम नींद ले पाते हैं। नींद पूरी करने के लिए टीवी देखने या स्क्रीन का समय घटाएं। शाम के बाद कैफीन से युक्त उत्पादों का सेवन नहीं करें। सोने से कुछ घंटे पहले स्टिमुलेटिंग गतिविधियां न करें।

संतुलन बनाएं

काम, घर और सोशल लाइफ के बीच संतुलन बनाएं।

पीएमआर तकनीक से मांसपेशियों को करें रिलैक्स

प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन (Progressive Muscle Relaxation) तकनीक में शरीर की मांसपेशियों को रिलैक्स करना चाहिए। अभ्यास से आप कुछ घंटों के अंदर तनाव पर नियंत्रण पाने का तरीका सीख सकते हैं। पीएमआर तकनीक खासतौर पर छात्रों के लिए फायदेमंद है। नींद से पहले, टेस्ट के दौरान, इसका इस्तेमाल कर छात्र तनाव से राहत पा सकते हैं।

सेहतमंद आहार लें

आप मानें या न मानें, अच्छा आहार (Healthy diet for youth) आपके दिमाग को ताकतवर बनाता है। आपकी मानसिक ऊर्जा बढ़ाता है। सेहतमंद आहार न केवल तनाव प्रबंधन में मदद करता है, बल्कि यह आपको सक्रिय भी बनाता है। आहार में सुधार लाकर आप कई समस्याओं जैसे मूड में बदलाव, सिर में भारीपन आदि से बच सकते हैं।

दोस्तों और परिवारजनों के साथ जुड़े रहें

आपके दोस्त और परिवारजन तनाव प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह जरूरी है कि आप अपनी रोजमर्रा की चीजों को परिवारजनों के साथ साझा करें। एक- दूसरे के साथ विचारों के आदान-प्रदान से आपको आपकी सभी समस्याओं का समाधान मिल सकता है। साथ ही तनाव से राहत भी मिलती है।

डाॅक्टर की सलाह लें

अगर आपको नींद न आना, एकाग्रता में कमी, रोजमर्रा के कामों में रूचि की कमी, मूड में बदलाव, विचारों में बदलाव जैसे लक्षण दो सप्ताह से अधिक दिखाई दें, तो बेहिचक काउंसलर या साइकोलॉजिस्ट की सलाह लें।

तनाव करें दूर

तनाव (Stress in youth) हमारे शरीर का एक तरीका है, जिसके द्वारा शरीर हमें बताता है कि हम अपनी सभी जरूरतों को पूरा करने या समस्याओं को हल करने के लिए जूझ रहे हैं। इसकी वजह से व्यक्ति को सिर में दर्द या नींद की समस्याएं हो सकती है। इसका असर हमारे शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता पर भी पड़ता है। उदाहरण के लिए, तनाव के दौरान हम अपने आप को बीमार महसूस कर सकते हैं। थकान, चिड़चिड़ापन और अवसाद महसूस करते हैं। इसका असर हमारी सोचने की क्षमता, एकाग्रता और प्रतिक्रिया के तरीके पर पड़ता है। बहुत अधिक तनाव मानसिक बीमारी का कारण भी बन सकता है।

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