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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 12, 2020 6:42 PM IST
International Nurses Day 2020: क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस, जानें इस साल का थीम।
International Nurses Day 2020: पूरी दुनिया में हर साल मई महीने की 12 तारीख यानी आज के दिन अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (International Nurses Day 2020) मनाया जाता है। एक मरीज को जिंदगी देने में जितना योगदान डॉक्टर्स का होता है, उतना ही एक नर्स का। एक नर्स अपने मरीज की सेवा तन-मन के साथ करती है। नर्स अपनी परवाह किए बिना एक मरीज की जान बचाती है। यह दिन उन्हीं के योगदान के लिए समर्पित किया गया है। इसके साथ ही इस दुनिया में नर्सिंग की संस्थापना करने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale) को भी श्रद्धांजलि दी जाती है।
"फ्लोरेंस नाइटिंगेल" की याद में हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (International Nurses Day 2020) मनाया जाता है। प्रीमिया युद्ध के दौरान इन्होंने लालटेन लेकर सैनिक और मरीजों की सेवा पूरे समर्पण के साथ की थी। इस वजह से इन्हें 'लेडी विद द लैंप" भी कहा गया।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल (Florence Nightingale) ब्रिटिश परिवार में 12 मई 1820 को जन्मी थीं। इनकी सेवा भावना को आज भी कई लोग याद करते हैं। 1860 में इन्होंने सेंट टॉमस अस्पताल और नर्सों के लिए नाइटिंगेल ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना की थी। इस दिवस को पहली बार मनाने का प्रस्ताव अमेरिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण विभाग के अधिकारी डोरोथी सुदरलैंड ने की थी। यह प्रस्ताव 1953 में रखा था।
इस दिवस को मनाने की घोषण अमेरिका के राष्ट्रपति डेविट डी. आइजनहावर ने की थी। 1974 के जनवरी महीने में घोषणा की गई थी कि 12 मई को 'अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस' मनाया जाएगा। 12 मई को ही फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था। ये आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक हैं।
मरीजों को स्वस्थ रखने में नर्स का बहुत ही बड़ा योगदान माना जाता है। नर्सों को प्रशिक्षण दिया जाता है कि वे अपने मरीजों की मदद मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और चिकित्सीय तौर पर पूरे समर्पण के साथ करेंगी। नर्सों के योगदान को इस दिन रेखांकित किया जाता है। इनका दुनिया में क्या महत्व है, इस बात से लोगों को अवगत कराया जाता है। आज के समाज में नर्सों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। कई नर्सों को हर साल 12 मई को 'राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल' पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। भारत सरकार के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय ने इसकी शुरुआत 1973 में की थी। भारत में अब तक कुल 250 के नर्सों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
इस साल का अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का थीम है “नर्सिंग द वर्ल्ड टू हेल्थ' (Nursing the World to Health)। इस थीम के जरिए लोगों में नर्सों के प्रति सम्मान को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे जनता 'अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस' मनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इसके साथ ही लोगों में जागरूकता फैलाने की कोशिश की जा रही है कि आने वाली पीढ़ी के लिए नर्सों का क्या योगदान है।
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