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Fungal infection in hindi: 16 से 22 अक्टूबर तक ''अंतर्राष्ट्रीय संक्रमण निवारण सप्ताह'' (International Infection Prevention Week 2019) पूरी दुनिया में मनाया जाता है। फंगल इंफेक्शन (Fungal infection) कई तरह के होते हैं जैसे सिर, त्वचा आदि में होने वाले फंगल इंफेक्शन (tips to avoit fungal infection)। मौसम चाहे कोई भी हो किसी को भी कभी भी और कोई भी इंफेक्शन या संक्रमण हो सकता है। कुछ लोगों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, ऐसे में उनकी त्वचा में हमेशा रेड रैशेज, दानें, खुजली आदि होती रहती है। बारिश में भी फंगल इंफेक्शन होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। त्वचा से संबंधित फंगल इफेक्शन काफी तकलीफदायक होते हैं। खुजली, मुंहासे या त्वचा का अधिक तैलीय होना, जैसी समस्या त्वचा को बहुत अधिक प्रभावित करती है। इंफेक्शन त्वचा से संबंधित हो या सिर से, इनका समय पर उचित इलाज बेहद जरूरी है। त्वचा से संबंधित बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण काफी परेशान कर सकते हैं। ऐसे में इन पर समय रहते ध्यान नही दिया जाए, तो यह और भी ज्यादा गम्भीर हो सकते हैं।
सिर के स्कैल्प में कई बार लोगों को इंफेक्शन हो जाता है। इसके लक्षण नॉर्मल स्किन इंफेक्शन से काफी अलग होते हैं। सिर में फंगल इंफेक्शन होने पर स्कैल्प में छोटे-छोटे फोड़े हो जाते हैं। मोटी, लाल और चिपचिपी परत हो जाती है। आपको ये लक्षण नजर आएं, तो डॉक्टर से जरूर मिलें। इसका इलाज नहीं करवाने से आपके बाल भी झड़ने शुरू हो सकते हैं।
त्वचा पर होने वाला फंगल इंफेक्शन भी काफी तकलीफदायक होता है। इसमें त्वचा पर दानें, फोड़े, रेड रैशेज, लाल चकत्ते, मुहांसे आदि निकल आते हैं। कुछ लोगों की हथेलियों से त्वचा की परत निकलने लगती है। International Infection Prevention Week 2019 क्या है, क्यों मनाते हैं, कब हुई शुरुआत और थीम, जानें
ऊपर बताई गई फंगल इंफेक्शन को कम करने के लिए खुद को ड्राई रखें। एंटी बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करें। साफ कपड़े पहनें। शरीर को भी साफ रखें। गीले कपड़े ना पहनें। फंगल इंफेक्शन की समस्या कम होने लगेगी।
एलोवेरा जेल स्किन से संबंधित कई समस्याओं को दूर करता है। फंगल इंफेक्शन में एलोवेरा जेल का इस्तेमाल इंफेक्शन को कम करता है। इससे रैशेज, खुजली और जलन कम होती है। इसके जेल को त्वचा पर लगाएं। 20 मिनट लगा रहने दें फिर गुनगुने पानी से धो लें।
नीम के पेड़ तो आपके घर के आसपास खूब होंगे। इनकी पत्तियों का पेस्ट, काढ़ा कई फंगल इंफेक्शन को दूर करने के काम आते हैं। नीम में निन्बिडोल और गेडूनिन होते हैं, जो एक तरह के एंटी-फंगल गुणों से भरपूर होते हैं। नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट तैयार करें। इसमें एक चम्मच नींबू का रस और हल्दी मिला लें। फंगल इंफेक्शन वाली जगहों पर इसे लगाएं। तीस मिनट सूखने दें। फिर पानी से धो लें। जब तक त्वचा और स्कैल्प की समस्या दूर ना हो जाए, इस पेस्ट को अल्पाई करें।