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Written By: IANS | Published : October 1, 2018 10:12 AM IST
पेंशन न होने के कारण भारत में बुजुर्गों को करना पड़ता है कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना। © Shutterstock
देश में 5.8 करोड़ बुजुर्गो को पेंशन या कोई अन्य प्रकार की सहायता नहीं मिलती है। यह बात सिविल सोसायटी संगठन पेंशन परिषद ने अपनी एक रिपोर्ट के आधार पर कही है। भारत में पेंशन की स्थिति रिपोर्ट-2018 का जिक्र करते हुए अर्थशास्त्री प्रभात पटनायक ने कहा कि बुजुर्गो के लिए आय सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रमुख योजना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता (आईजीएनओएपीएस) कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का महज 0.04 फीसदी खर्च करती है।
पटनायक ने कहा, "वर्तमान जीडीपी का महज 1.6 फीसदी खर्च करने से देश के 90 फीसदी बुजुर्गो को हर महीने 2,500 रुपये पेंशन मिलेगा।"
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित कल्याणकारी योजना राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के अनुसार, आठ करोड़ बुजुर्ग 200 रुपये मासिक पेंशन के लिए अधिकृत हैं।
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पेंशन परिषद के संयोजक निखिल डे ने कहा कि यह अत्यल्प रकम भी महज 2.23 करोड़ लोगों तक पहुंचती है।
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संगठन ने कहा कि नेपाल, बोलिविया, लेसोथो, बोत्सवाना, इक्वाडोर जैसे छोटे देश भी भारत की तुलना में अपने बुजुर्गो को बेहतर सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करते हैं।