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Written By: Atul Modi | Published : February 7, 2023 8:07 PM IST
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के पहले 'इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग' का उद्घाटन किया गया है। जिसके अंतर्गत रोगियों के उपचार में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का भी सहयोग लिया जाएगा। दरअसल, देश में तमाम ऐसी गंभीर बीमारियां है जिनका पूर्ण उपचार किसी एक चिकित्सा पद्धति से संभव नहीं है, बल्कि अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों के सहयोग की जरूरत महसूस होती है। जिसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार देशभर के अस्पतालों में इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग बनाने पर काम कर रही है, ताकि अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों के सहयोग से बीमारियों का उपचार किया जा सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को संयुक्त रूप से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 'इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग' का उद्घाटन किया। जिसके अंतर्गत मरीजों को अधिक से अधिक लाभ देने के लिए आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेदिक और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा उपचार किया जाएगा।
उद्घाटन के मौके पर आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि, इंटीग्रेटिव मेडिसिन को विस्तार देने के लिए दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है। जिसके तहत एम्स में भी इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग बनाने और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा कि, केंद्र सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 'इंटीग्रेटिव मेडिसिन' के लिए अलग विंग स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है, जो पारंपरिक उपचार के साथ पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़ती है, उन्होंने बताया कि सरकार ने देश के डेढ़ लाख हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर योग, ध्यान और अन्य पारंपरिक पहलुओं को प्रोत्साहित कर रही है।
डॉ मंडाविया ने कहा कि, आने वाले दिनों में स्वास्थ्य मंत्रालय देश के सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 'इंटीग्रेटिव मेडिसिन' के लिए अलग विभाग बनाने और अनुसंधान की व्यवस्था करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सफदरजंग अस्पताल में इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग की स्थापना के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है।
इस मौके पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजापारा महेंद्र भाई कालू भाई और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने भारतीय चिकित्सा प्रणाली की सराहना करते हुए इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग को मील का पत्थर बताया।
कार्यक्रम के दौरान आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, विशेष सचिव पी.के. पाठक और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की डायरेक्टर प्रो. डॉ. तनुजा मनोज नेसारी समेत स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे।