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आप क्या खाते हैं, इसका प्रभाव आपकी सेहत पर भी पड़ता है। ऐसे में व्हाइट ब्रेड व पेस्ट्री जैसे प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट, फ्रेंच फ्राइज, सोडा और अन्य शुगर वाले खाद्य पदार्थ खाना शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और डिप्रेशन के लक्षणों को ट्रिगर कर सकते हैं। दरअसल, ये चीजें इंफ्लेमेटरी फूड्स (Inflammatory foods) हैं यानी वो चीजें जो शरीर में सूजन का कारण बनती हैं। ये हम नहीं बल्कि, द जर्नल ऑफ गेरोन्टोलॉजी (The Journal of Gerontology) में छपा शोध बता रहे हैं। मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित इस नए अध्ययन में अवसाद, आहार और कमजोरियों के विकास के बीच एक संबंध पाया गया। इस शोध में बताया गया है कि कैसे एंटीइंफ्लेमेटरी डाइट डिप्रेशन का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा भी डाइट और डिप्रेशन का कनेक्शन (Diet and depression link) ये शोध बहुत कुछ कहती है। आइए जानते हैं कैसे।
मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि इंफ्लेमेटरी चीजों को खाना यानी कि ऐसे फूड्स को खाना जो कि शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करते हैं वे डिप्रेशन को ट्रिगर करता है। इससे शरीर कई शारीरिक प्रणालियों में कार्य में गिरावट आती है और 10-15% तक वयस्कों को प्रभावित करती है और अक्सर अवसाद जैसी अन्य स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बनती है।
इसके अलावा कुछ इंफ्लेमेटरी डाइट जैसे कि ट्रांस फैट खास कर कि हाइड्रोजनीकृत तेल से बनी चीजें दिमागी बीमारियों का कारण बनती है। इंफ्लेमेटरी डाइट शरीर में सूजनबढ़ाते हैं और कमजोरी पैदा करते हैं। साथ ही ये अवसाद का भी कारण बनते हैं। इसके अलावा कई शोधों में यह भी बताया है कि कैसे अवसादग्रस्त लक्षणों वाले व्यक्ति ऐसी डाइट के प्रति संवेदनशील होते हैं।
अध्ययन ने फ्रामिंघम हार्ट स्टडी ऑफस्प्रिंग कॉहोर्ट के डेटा का उपयोग किया। 1,701 अवसादग्रस्त या अवसाद के लक्षणों को महसूस करने वाले लोगों ने अपनी डाइट के बारे में सूचना दी । अध्ययन में पाया गया कि इंफ्लेमेटरी डाइट का सेवन अवसादग्रस्त लक्षणों को बढ़ावा देती है और मूड स्विंग्स पैदा करती है। मूड स्विंग्स समय के साथ बढ़ने लगते हैं और मानसिक तनाव का भी कारण बनते हैं। कई बार इससे एंग्जायटी और स्ट्रेस भी बढ़ जाता है, जिससे नींद नहीं आती है और शरीर में कई समस्याएं होने लगती हैं।
शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि चूंकि अवसादग्रस्त लक्षणों वाले व्यक्तियों में आमतौर पर सूजन का उच्च स्तर होता है, इसके ऊपर आहार संबंधी सूजन जोड़ने से कमजोरियों के विकास में तेजी आती है। इसलिए लोगों को ऐसी डाइट के सेवन से बचना चाहिए और एंटी इंफ्लेमेटरी फूड्स (Anti inflammatory foods) जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दाल और मछली आदि का सेवन करना चाहिए।