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Written By: Editorial Team | Updated : October 18, 2018 12:26 PM IST
इसी के कारण लोग इन्फेक्शन से होने वाली बीमारियों के बारे में और अधिक विस्तार से जान पाए© Shutterstock
इन्फेक्शन प्रीवेंशन वीक की शुरूआत साल 1986 में अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा की गई। यह हर साल अक्टूबर महीने के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है। इस बार यह 14 से 20 अक्टूबर के मध्य मनाया जा रहा है। इसका प्रमुख कारण था लोगों को इन्फेक्शन और उससे पैदा होने वाले अन्य रोगों से बचाना। साल दर साल इसका प्रभाव बढ़ता गया और इसका विस्तार ऑस्ट्रेलिया, युनाइटेड किंगडम से लेकर मिडिल ईस्ट व साउथ ईस्ट एशिया तक हुआ। इस मुहीम का फायदा बहुत सारे लोगों को मिला तथा इसी के कारण लोग इन्फेक्शन से होने वाली बीमारियों के बारे में और अधिक विस्तार से जान पाए और साथ ही इनको लेकर और ज्यादा जागरूक भी हुए।
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वायरल इन्फेक्शन
वायरस बहुत ही सूक्ष्म प्रकार के रोगाणु होते हैं। ये प्रोटीन की परत के अंदर जेनेटिक सामग्री से बने होते हैं, यह कई तरह की बीमारियों के होने का कारण बनते हैं जैसे सामान्य जुकाम या फ्लू इसके अलावा ये गंभीर बीमारियों के लिए भी जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे की इबोला।
यूरिन इन्फेक्शन
यूरिन इन्फेक्शन गंभीर बीमारी है। अगर यूरिन में इन्फेक्शन होता है तो सबसे पहले असर किडनी पर होता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है तो क्रोनिक किडनी की बीमारी हो सकती है। इसमें सूजन आ सकती है और समय पर इलाज नहीं कराने पर किडनी फेल भी हो सकती है। यह इन्फेक्शन ब्लड के जरिए बॉडी के बाकी ऑर्गन तक भी पहुंच सकता है और उन्हें भी डैमेज कर सकता है। इसलिए इन्फेक्शन से बचने के लिए कम से कम तीन लीटर पानी रोज पीएं।
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फंगल इन्फेक्शन
फंगस पैदा करने वाले जीवाणु आमतौर पर मानसून के दौरान कई गुना तेजी से फैलते हैं। यह सामान्य तौर पर शरीर के नजरअंदाज किए गए अंगों जैसे की पैर की उंगलियों के पोरों पर, उनके बीच के स्थानों पर या उन जगहों पर जहां जीवाणु या कवक का संक्रमण बहुत अधिक तेजी से होता है, वहां फैलते हैं।अक्सर मॉनसून के दौरान लोग हल्की बूंदा-बांदी में भीगने के बाद अपनी त्वचा को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन यही छोटी सी असावधानी कई बार फंगस से संक्रमित होने का कारण बन जाती है। फंगल संक्रमण से बचने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि आप इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि त्वचा ज्यादा देर तक गीली नहीं रहे।
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स्किन इन्फेक्शन
अक्सर अपने देखा होगा कि जिन्हें भी स्किन इन्फेक्शन होता है उनके शरीर पर लाल रंग के दाने हो जाते है अथवा स्किन भी जली हुई सी नजर आती है। त्वचा हमारे शरीर को किसी भी तरह के वायरल और बैक्टेरिया के संक्रमण से बचाती है। स्किन इंफेक्शन में त्वचा पर सफेद पपड़ी (White Spots) जम जाती है, जिसमें खुजली होती है। ध्यान न देने पर कभी-कभी इनमें बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी हो जाता है। त्वचा में संक्रमण के लिए कई तरह के कीटाणु जिम्मेदार होते हैं। अगर लक्षण जानते हुए भी तत्काल उपचार नहीं किया जाए तो संक्रमण गंभीर भी हो सकते हैं।