मादक पदार्थों के उत्‍पादक सूची में भारत का भी नाम, जानें क्‍या हैं मादक पदा‍र्थों के नुकसान

अमेरिका के व्‍हाइट हाउस से जारी इस सूची में उन देशों का नाम नजर नहीं आया जो मादक पदार्थों के पारगमन में हैं शामिल।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 12, 2018 4:19 PM IST

व्हाइट हाउस की मादक पदार्थो के उत्पादन और पारगमन करने वाले देशों की सूची में भारत अभी भी शामिल है। यह वार्षिक सूची ऐसे मौके पर जारी की गई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सितंबर के अंत में संयुक्त राष्ट्र में मादक पदार्थो के खिलाफ वैश्विक अभियान की तैयारी में हैं।

इन देशों का है नाम

इस सूची में 21 देशों के नाम हैं जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, मेक्सिको और कोलंबिया भी शामिल हैं। भारत 2004 से इस सूची में शामिल है। तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने पहली बार कांग्रेस द्वारा अधिनियमित 2003 के कानून के तहत इसे जारी किया था और राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इसे बरकरार रखा था।

इस सूची में भारत को शामिल करने के पीछे दिल्ली और वाशिंगटन के बीच टकराव रहा है। ट्रंप ने अपने ज्ञापन में कहा, "सूची में किसी देश की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि वह उस देश की सरकार के मादक पदार्थो के खिलाफ प्रयासों को प्रतिबंबित करता है और न ही यह अमेरिका के साथ सहयोग के स्तर से जुड़ा है।" उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, "सूची में देशों को शामिल करने के पीछे भौगोलिक, वाणिज्यिक और आर्थिक कारक हैं जो मादक पदार्थों के पारगमन या उत्पादन करने की इजाजत देते हैं जबकि सरकार मादक पदार्थों की तस्करी को नियंत्रित करने की पुरजोर कोशिश में लगी होती है।"

ये देश नहीं हैं शामिल

महत्वपूर्ण बात यह है कि सूची में किसी भी पश्चिमी देश को शामिल नहीं किया गया है, भले ही वे मादक पदार्थो की तस्करी के दौरान पारगमन का पड़ाव रहे हों। नाइजीरिया, ब्राजील, वियतनाम और थाईलैंड अब इस सूची में नहीं हैं।

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ये हैं मादक पदा‍र्थों के नुकसान

  • नशीली दवाओं का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव मस्तिष्क पर पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप दवाओं के आदी व्यक्ति के जीवन का हर पहलू प्रभावित हो जाता है।
  • ड्रग्स मुख्य रूप से रसायनिक पदार्थ होते हैं, जो मानव मस्तिष्क की संचार प्रणाली को प्रभावित करता हैं। यह पदार्थ तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क को भेजी गयी प्रक्रियाओं और जानकारियों को प्रभावित करते हैं।
  • यह नशीली दवायें मानव मस्तिष्क में संचार के लिये कार्य करने वाले प्राकृतिक रासायनिक तत्वों की एक कॉपी तैयार करती हैं जो मस्तिष्क की प्रतिक्रिया परिपथ को अधिक उत्तेजित कर देती हैं।
  • रासायनिक संदेश वाहक के रूप में हेरोइन और भांग को इसी प्रकार से बनाया जाता है, जिसे न्यूरोट्रांसमीटर के रूप में जाना जाता है।
  • यह न्यूरोट्रांसमीटर्स मानव मस्तिष्क द्वारा स्वाभाविक रूप से उत्पन्न किये जाते हैं। इस समानता के परिणामस्वरूप, दवाएँ मानव मस्तिष्क में ग्रहीता कोशिकाओं को मूर्ख बनाकर तंत्रिका तंत्र को आसामान्य संदेश भेजने के लिये सक्रिय कर सकती हैं।
  • मेथाम्फेटामाइन और कोकीन जैसे ड्रग्स के मामले में, तंत्रिका कोशिकाओं को सक्रिय किया जाता है और फिर वे आसामान्य तरीके से एक बड़ी मात्रा में न्यूरोट्रांसमीटर्स का उत्पादन करते हैं। वे मस्तिष्क को सामान्य तरीके से इन रसायनों की पुनरावृत्ति करने से रोकने में भी सक्षम हैं।
  • तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संचार को समाप्त करने के लिए इनके उत्पादन के एक सामान्य स्तर की आवश्यकता होती है।
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