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Written By: Anshumala | Published : July 25, 2020 12:48 PM IST
भारत में बनने वाली कोरोना वैक्सीन में कौन आगे, किसका सफल रहा ह्यूमन ट्रायल, वॉलंटियर्स पर वैक्सीन के साइड इफेक्ट, जानें सबकुछ।
भारत में कोविड-19 वैक्सीन (Indian vaccine for Covid-19) को लेकर बहुत तेजी से काम चल रहा है। कई देसी वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल जारी है और ऐसी उम्मीद भी जताई जा रही है कि जल्द ही देश में कोरोना वैक्सीन बनकर तैयार हो जाएगी। फिलहाल, यह जानना जरूरी है कि कहां-कहां देश में ह्यूमन ट्रायल हो रहा है और कौन सी कंपनियां कोरोनावायरस की वैक्सीन बनाने में आगे है। जानतें हैं इस पर विस्तार से...
भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) की वैक्सीन (Indian vaccine for Covid-19) बनाने में भारत बायोटेक कंपनी और जाइडस कैडिला द्वारा निर्मित वैक्सीन का कई अलग राज्यों के छह शहरों में ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। इन दोनों कंपनियों के फेज-1 और फेज-2 के क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम अच्छे आए थे। खबर है कि ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कैंडिडेट का भी भारत में ट्रायल बहुत जल्द शुरू होगा। भारत बायोटेक और जाइडस दोनों को ही क्लीनिकल ट्रायल के फेज-1 और 2 की मंजूरी मिली थी। दोनों ने 15 जुलाई को अपनी-अपनी वैक्सीन कैंडिडेट की पहली डोज वॉलंटियर्स को दी थी। जब कोई वैक्सीन हर तरह के टेस्ट और ट्रायल में पॉजिटिव रिजल्ट दर्शाती है, बिना किसी साइड एफेक्ट्स के, तो उसे ही फाइनल मंजूरी दी जाती है।
खबर है कि दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में शुक्रवार को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (COVAXIN in hindi) का इंजेक्शन एक 30 वर्षीय युवा को दिया गया है। यह युवक दिल्ली का ही रहने वाला है, जिसे ह्यूमन ट्रायल के लिए 0.5 मिली वैक्सीन की इंजेक्शन दी गई है। फिलहाल इस युवक में वैक्सीन का कोई भी साइड इफेक्ट नजर नहीं आया है।
सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी जल्द ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा बनाई गई वैक्सीन का टेस्ट शुरू कर देगा। सेरम कंपनी ब्रिटेन की एस्ट्राजेनेका के साथ पार्टनरशिप में इस वैक्सीन का निर्माण कर रही है। फिलहाल, ह्यूमन ट्रायल तभी शुरू होगा, जब भारत में वैक्सीन को मंजूरी मिल जाएगी।
वैक्सीन कोवैक्सीन को आईसीएमआर और एनआईवी के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। पटना और दिल्ली के एम्स, पीजीआई रोहतक, के अलावा लगभग 12 शहरों के 12 हॉस्पिटल्स में टेस्ट किया जाएगा। पहले स्टेज में 18 से 55 वर्ष के बीच के कुल 500 वॉलंटियर्स को शामिल किया जाएगा। जाइडस कैडिला की वैक्सीन कैंडिडेट जाइकोविड (ZyCoV-D vaccine) पर फिलहाल अहमदाबाद के अनुसंधान केंद्र में ही परीक्षण चल रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे शहरों में इसका भी ह्यूमन ट्रायल शुरू किया जाएगा।
भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल दिल्ली, पटना, रोहतक, हैदराबाद, कांचीपुरम में शुरू हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल बेलगाम, गोरखपुर, कानपुर, नागपुर, भुवनेश्वर, गोवा और विशाखापत्तनम में भी शुरू कर दिया जाएगा। पटना के एम्स में 15 जुलाई को शुरू हुए कोवैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के साइड एफेक्ट्स किसी भी वॉलंटियर्स पर बहुत गंभीर नहीं दिखे हैं। हां, दर्द, हल्का बुखार और इंजेक्शन जिस जगह लगाई गई है वहां की स्किन का लाल होना जैसे हल्के साइड एफेक्ट्स दिखे हैं, जो अमूमन किसी भी वैक्सीन को लगाए जाने के बाद नजर आते हैं। फिलहाल, 15 जुलाई को हुए ट्रायल का रिजल्ट अभी नहीं आया है।
कोवाक्सीन (COVAXIN) की दूसरी डोज का ह्यूमन ट्रायल पटना के एम्स में 29 जुलाई को दी जाएगी। इसके बाद ही यह जांच करके पता लगाया जाएगा कि वॉलंटियर्स के शरीर में एंटीबॉडी कितना बना है। फिलहाल सभी फेज के ह्यूमन ट्रायल के परिणाम पॉजिटिव आने शुरू होंगे, तभी कोरोना की वैक्सीन फाइनली बनकर तैयार होगी, जिसके बाद ही यह लोगों के लिए उपलब्ध होगी।
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