
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 15, 2018 10:17 AM IST
कॉन्ट्रेक्टेड क्रोनिक लिवर रोग से पीड़ित तीन वर्षीय अफगानी बच्ची हादिया नेसरी को यहां इन्द्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में नई जिंदगी मिली। इस बच्ची को नई जिंदगी देने में पाकिस्तानी पीडिएट्रिक हेपेटोलोजिस्ट डॉ. हूमा चीमा और अस्पताल की लिवर ट्रांसप्लान्ट टीम का योगदान रहा। पाकिस्तानी पीडिएट्रिक हेपेटोलोजिस्ट डॉ. हूमा ने कहा, "हादिया पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी, उसे लाहौर के चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल्स के मेरे विभाग में लाया गया था, जब हमने उसे भर्ती किया, वह बहुत ज्यादा बीमार थी। वह कॉन्ट्रेक्टेड क्रोनिक लिवर रोग से पीड़ित थी और पूरी कोशिश के बाद भी ठीक नहीं हो रही थी। उसका लिवर फेल हो रहा था। आखिरकार हमारे पास सिर्फ लिवर ट्रांसप्लान्ट का विकल्प बचा था, मैंने उसे तुरंत दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स रेफर कर दिया।"
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर एवं सीनियर कन्सलटेन्ट, पीडिएट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलोजी एवं हेपेटोलोजी डॉ. अनुपम सिब्बल ने कहा, "हमने तुरंत बच्ची की जांच की, क्योंकि हादिया का लिवर ट्रांसप्लान्ट बेहद जरूरी था। बच्चों में इस तरह के 20 फीसदी मामलों में बीमारी का कारण पता नहीं लगाया जा सकता। जब लिवर फेलियर अपनी अंतिम अवस्था में पहुंच जाता है, तो हमारे पास सिर्फ लिवर ट्रांसप्लान्ट का विकल्प ही बचता है।"
पैनक्रियाटिक सर्जरी डिपार्टमेन्ट के लिवर ट्रांसप्लान्ट व हेपेटोबाईलरी के सीनियर कन्सलटेन्ट डॉ. नीरव गोयल ने कहा, "छोटे बच्चों में रक्त वाहिकाएं भी बहुत छोटी होती हैं, इसलिए हमें ट्रांसप्लान्ट के दौरान बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है। बच्ची के पिता अहमद फवाद ने उसे लिवर डोनेट किया। पिछले महीने हुई यह सर्जरी 12 घंटे तक चली।"
स्रोत- Press Release.
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