सरकार ने कहा, प्लास्टिक से बने 'तिरंगे' का न करें इस्तेमाल, जानें प्लास्टिक से होने वाले नुकसान

प्लास्टिक का इस्तेमाल प्रदूषण बढ़ाने का मुख्य कारण होता है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : August 9, 2018 10:33 AM IST

यदि इस बार आप स्वतंत्रता दिवस पर प्लास्टिक से बने झंडे का इस्तेमला कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले सभी नागरिकों को प्लास्टिक के बने राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों से ध्वज संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चत करने को कहा है।

मंत्रालय ने कहा कि उसके संज्ञान में यह बात आई है कि महत्वपूर्ण समारोहों में कागज के बने झंडों के स्थान पर प्लास्टिक के बने तिरंगों का इस्तेमाल किया जाता है।

परामर्श के अनुसार, चूंकि प्लास्टिक के झंडे कागज के झंडों की तरह प्राकृतिक तरीके से अपघटित नहीं होते और लंबे समय तक नष्ट नहीं होते इसलिए राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के अनुरूप प्लास्टिक के बने राष्ट्रीय ध्वज का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना एक व्यावहारिक समस्या है। प्लास्टिक का इस्तेमाल प्रदूषण बढ़ाने का मुख्य कारण होता है।

दुनिया भर में सबसे ज्यादा भारत में प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है। प्लास्टिक के प्रदूषण के कारण तथा हमारे प्लास्टिक बैग के अनावश्यक उपयोग करने के कारण हमारा ग्रह संक्रमित हो रहा है।

plastic made indian flag2

प्लास्टिक बैग के कुछ नुकसानदायक प्रभाव इस प्रकार हैं:

1 किसी भी तरह के प्लास्टिक बैग या प्लास्टिक से बनी चीजों के इस्तेमाल से प्राकृतिक दृश्यों को हानि पहुंचती है। प्रतिवर्ष अधिक से अधिक प्लास्टिक बैग पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। ये प्लास्टिक बैग पानी के स्रोतों, उद्यानों, समुद्र के किनारे और सड़कों पर मिल जाते हैं।

2 प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल से जानवरों की भी मौत हो जाती है। लगभग 100,000 प्राणी जैसे डॉल्फिन्स, कछुए, व्हेल्स, पेंगुइन्स आदि की मृत्यु प्लास्टिक बैग के कारण हो जाती है। कई जानवर इन्हें खाने से मर जाते हैं।

3 प्लास्टिक बैग्स प्राकृतिक तरीके से विघटित नहीं होते (नॉन बायोडिग्रेडेबल) हैं। प्लास्टिक बैग्स का प्रयावरण पर सबसे अधिक दुष्प्रभाव यह होता है कि ये नॉन बायोडिग्रेडेबल हैं। इन्हें विघटित होने में लगभग 1000 वर्ष का समय लगता है। ऐसे में सेहत के लिए प्लास्टिक की चीजों का इस्तेमाल काफी नुकसानदायक साबित होता है। प्लास्टिक के इस्तेमाल से कैंसर जैसी बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।

4 प्लास्टिक बैग्स को बनाने के लिए पेट्रोलियम की आवश्यकता होती है। लोग अपनी आवश्यकताओं जैसे कारखानों, परिवहन आदि के लिए तेजी से गैर-नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। यदि पेट्रोलियम की आपूर्ति बंद हो गई तो पूरा विश्व आधा हो जाएगा।

5 यह पर्यावरण के लिए भी खतरा हैं। प्लास्टिक बैग हों या इनसे बनी कोई भी सामान हो, जमीन, हवा और पानी सभी चीजों को दूषित कर रहे हैं। जमीन में प्लास्टिक के मिलने से जमीन की उर्वरता नष्ट होती है। पानी में मिलकर ये अंडरग्राउंड पानी को भी दूषित और जहरीला बना रहे हैं। प्लास्टिक की चीजों को जलाने से जो जहरीली गैसें निकलती हैं, उनसे हवा भी जहरीली बन रही है, जिससे सांस लेने से लोगों को कई तरह की बीमारियां हो रही हैं।

6 विकल्प के रूप में आप जूट, कागज और कपड़े के बैग का इस्तेमाल करें। हालांकि कागज के बैग्स भी उतने टिकाऊ नहीं होते और जब इन्हें जलाया जाता है, कार्बन पैदा करते हैं। इन्हें भी बनाने के लिए लकड़ी की जरूरत होती है, जिसके लिए पेड़ काटे जाते हैं। पेड़ काटना भी पर्यावरण के अनुकूल नहीं होता।

चित्रस्रोत-Shutterstock.

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.