Sign In
  • हिंदी

डायबिटीज की राजधानी न बन जाए भारत, इससे बचने को अपनाएं ये आठ घरेलू नुस्‍खे

उच्च रक्त शर्करा या हाई ब्लड शुगर तब होता है जब आपका शरीर रक्त से कोशिकाओं में शुगर को प्रभावी ढंग से ट्रांसपोर्ट नहीं कर पाता है। इससे बचने के उपाय हमारे घर में ही मौजूद हैं। ©Shutterstock

उच्च रक्त शर्करा या हाई ब्लड शुगर तब होता है जब आपका शरीर रक्त से कोशिकाओं में शुगर को प्रभावी ढंग से ट्रांसपोर्ट नहीं कर पाता है। इससे बचने के उपाय हमारे घर में ही मौजूद हैं।

Written by Yogita Yadav |Updated : November 14, 2018 1:31 PM IST

भारत में मधुमेह या डायबिटीज के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि भारत को डायबिटीज की विश्व राजधानी भी कहा जाता है। इसे रोकने के लिए हमें न सिर्फ अपनी दिनचर्या में सुधार करना होगा , बल्कि नेचुरल हर्ब्‍स की ओर भी वापस लौटना होगा। आइए आपको बताते हैं वे घरेलू नुस्‍खे जो डायबिटीज रोकने में कर सकते हैं मदद। यह भी पढ़ें - क्‍या सेक्‍स लाइफ पर भी पड़ता है डायबिटीज का असर ?

दालचीनी का पाउडर

भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख मसाला दालचीनी मधुमेह को नियंत्रित करती है और इंसुलिन की गतिविधि को उत्तेजित करके शरीर में ब्लक शुगर का स्तर कम कर देती है। यह मधुमेह को रोकने में आपकी मदद कर सकता हैं। दालचीनी के प्रयोग से इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है। इसके अलावा इसके नियमित सेवन से मोटापा भी कम किया जा सकता है। दालचीनी को महीन पीसकर पाउडर बना लें और उसे गुनगुने पानी के साथ लें। हालांकि इसके मात्रा का विशेष ध्यान दें। बहुत अधिक मात्रा आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। यह भी पढ़ें - क्या आप भी हैं डायबिटीज की बॉर्डर लाइन पर, घबराएं नहीं, बस रूटीन करें ठीक 

Also Read

More News

तुलसी के पत्ते

इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए तुलसी की पत्तियां एंटीऑक्सीडेंट और आवश्यक तेलों से भरी हुई हैं। तुलसी के पत्तों में काफी एन्टीऑक्सीडेंट व बाकी जरूरी तत्व मौजूद होते हैं जो इजिनॉल, मेथिल इजिनॉल और कैरियोफ़ैलिन बनते हैं। ये सारे तत्व मिलकर इन्सुलिन जमा करने वाली और छोड़ने वाली कोशिकाओं को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। अतः शुगर के स्तर को कम करने के लिए रोज दो से तीन तुलसी के पत्ते खाली पेट लें। आप इसका जूस भी ले सकते हैं। यह भी पढ़ें – वर्ल्‍ड डायबिटीज डे : डायबिटीज से हैं पीड़ित, तो ऐसें बनाएं अपना डायट चार्ट

मेथी

डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए मेथी का उपयोग किया जा सकता है। अध्ययन में पाया है कि टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह दोनों को नियंत्रित करने के लिए आप इसका प्रयोग कर सकते हैं। आप रात भर पानी में दो चम्मच मेथी डालिए और सुबह खाली पेट इसका सेवन कीजिए।  यह भी पढ़ें – वर्ल्‍ड डायबिटीज डे : बचपन में न घुल जाए मधुमेह की कड़वाहट

गेहूं के जवारे

गेहूं के पौधों में रोगनाशक गुण पाए जातें हैं। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों का रस असाध्य रोगों को दूर कर सकता है। इसके रस को ग्रीन ब्लड के नाम से भी जाना जाता है और इसका आधा कप ताजा रस रोगी को रोज सुबह-शाम पिलाने से मधुमेह में फायदेमंद होता है।

जामुन

सुपरफूड के नाम से जाना जाने वाला जामुन डायबिटीज में बहुत ही फायदेमंद होता है। इसका बीज भी डायबिटीज कंट्रोल करने में फायदेमंद हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपुर जामुन के बीजों को अच्छी तरह सुखा लें। सूखने के बाद इन्हें पीसकर एक चूर्ण बना लें। सुबह खाली पेट जामुन के बीजों को गुनगुने पानी के साथ लें। इससे डायबिटीज नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

ग्रीन टी पीना भी है फायदेमंद

हरी चाय में बायोएक्टिव कंपाउंड होता है, जो आपके स्वास्थ्य के कई पहलुओं में सुधार करता है। ग्रीन टी में उच्च मात्रा में पॉलीफिनॉल पाया जाता है। ये एक सक्रिय एंटी-ऑक्सीडेंट है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक है। प्रतिदिन सुबह और शाम ग्रीन टी पीने से आपको बहुत ही लाभ होगा।

एलोवेरा जेल

एलोवेरा जेल ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम करने में सहायता करता है। इसमें फाइटोस्टेरोल पाया जाता है, जिसमें टाइप 2 मधुमेह के लिए संभावित एंटी-हाइपर ग्लाइसेमिक प्रभाव होता है। एलोवेरा का रस रक्त वसा और सूजन भी कम कर सकता है।

सहजन की पत्तियों का जूस

सहजन की पत्तियों का रस भी मधुमेह कंट्रोल करने में बहुत कारगर है। ड्रमस्टियक की पत्तियों को पीसकर उसे निचोड़ लें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर नहीं बढ़ेगा।

Total Wellness is now just a click away.

Follow us on