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Written By: Editorial Team | Published : April 27, 2018 11:21 AM IST
This new vaccine can help tackle malaria. © Shutterstock
मलेरिया से होने वाली मौतों के मामले में भारत का विश्व में चौथा स्थान है। छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और उड़ीसा राज्यों में मलेरिया के अधिक मामलों की सूचना मिली है। भारत ने 2027 तक मलेरिया मुक्त होने और 2030 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में मलेरिया के मामलों का पता लगाने और एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, 'मलेरिया प्लास्मोडियम परजीवी के कारण होने वाला एक जानलेवा रक्त रोग है। यह एनोफिलीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में संचरित होता है। जब संक्रमित मच्छर व्यक्ति को काटता है, तो परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित और नष्ट करने से पहले व्यक्ति के लिवर में मल्टीप्लाई हो जाता है।'
डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा कि भारत में अभी भी मलेरिया मॉनीटरिंग सिस्टम बेहद कमजोर है। विभिन्न स्तरों पर प्रयासों के बावजूद, यह बीमारी अभी भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है।
मलेरिया के लक्षण
मलेरिया के लक्षणों में बुखार और ठंड लगना, बेहोशी जैसी स्थिति होना, गहरी सांस लेने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत, असामान्य रक्तस्राव, एनीमिया के लक्षण और पीलिया शामिल हैं।
तत्काल कार्रवाई है जरूरी
उन्होंने बताया कि भारत शुरू से ही मलेरिया के खिलाफ लड़ाई का केंद्र रहा है। मच्छरों के जरिए मलेरिया को प्रसारित की जाने वाली सफलता की खोज 120 साल पहले भारत के सिकंदराबाद में हुई थी। तब से
दुनिया के आधे देशों में मलेरिया समाप्त हो चुका है। अब समय है कि भारत ऐसा करने के लिए तत्काल कार्रवाई करे।
मलेरिया से बचने के उपाय
स्रोत:IANS Hindi
चित्रस्रोत:Shutterstock.