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Third Wave Of Covid In India: भारत में ओमिक्रोन वेरिएंट के बढ़ते असर के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर से जुड़ी आशंकाओं पर चर्चा भी शुरू हो गयी है। गौरतलब है कि ओमिक्रोन के मामले अब देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रहे हैं । इस बीच वैज्ञानिकों ने देश में तीसरी लहर आने की आशंका जतायी है । शोधकर्ताओं का कहना है कि, कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का असर, दिसंबर 2021 के अंत तक दिखायी देने लगेगा । वहीं, जनवरी 2021 अंत या फरवरी 2021 के आरंभ तक ओमिक्रोन संक्रमण पीक पर होगा। यह बयान दिया है आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने। (Third Wave Of Covid In India In Hindi)
डॉ.अग्रवाल और उनकी टीम द्वारा की गयी एक नयी स्टडी के परिणामों के आधार पर यह दावे किए गए हैं। हालांकि , एक्सपर्ट्स का यह भी अनुमान है कि कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर महामारी की पहली और दूसरी लहर की तुलना में कम खतरनाक या कम घातक हो सकती है। गौरतलब है कि ओमिक्रोन वेरिएंट का पता 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका द्वारा इसके मामलों की पुष्टि के साथ ही हुआ था। जिसके बाद कुछ अन्य देशों द्वारा भी इसके मामलों की पुष्टि की गयी। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) द्वारा ओमिक्रोन वेरिएंट को वेरिएंट ऑफ कंसर्न या चिंता बढ़ाने वाला वेरिएंट (Variant of Concern) बताया गया है।
यह स्टडी एक गणितीय मॉडल सूत्र पर आधारित है जिसके निष्कर्षों के आधार पर डॉ. अग्रवाल ने देश में ओमिक्रोन के प्रभाव और थर्ड वेव से जुड़े अनुमान लगाए हैं। बता दें कि इसी मॉडल की मदद से अनुमान लगाया गया था देश में दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर भी आ सकती है। नवीनतम स्टडी के परिणामों के अनुसार, कोविड की थर्ड वेव कोरोना की दूसरी लहर की तुलना में कम घातक साबित होगी।
दक्षिण अफ्रीका में फैल रहे ओमिक्रोन के कारण लोगों में संक्रमण की दर और अस्पताल में भर्ती होनेवाले मरीजों की संख्या जैसे महत्वपूर्ण आंकड़ों के आधार पर प्रोफेसर अग्रवाल नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा है कि, भले ही ओमिक्रोन तेजी से फैल रहा है लेकिन, फिलहाल जो भी मामले सामने आए हैं उनमें ओमिक्रोन से संक्रमण के गम्भीर लक्षण देखने को नहीं मिले हैं । डॉ. अग्रवाल के अनुसार भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के पीक पर होगा तब दैनिक स्तर पर एक से डेढ़ लाख मामले सामने आ सकते हैं।
(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।