
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 21, 2026 4:32 PM IST
इबोला वायरस से होने वाला संक्रमण के मामले कांगो और युगांडा में देखने को मिल रहे थे और पिछले कुछ दिनों से इबोला वायरस से होने वाला संक्रमण उन देशों में तेजी से बढ़ने लगा है और उससे होने वाली मौत के आंकड़े भी बढ़ने लगे हैं। जिस कारण से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी का नाम दिया था। लेकिन अब भारत सरकार को भी इसका खतरा दिखने लगा है और इबोला को लेकर भारत के स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर हैं। भारत सरकार ने अब अनुमान लगा लिया है कि इबोला सिर्फ अब अफ्रीकी देशों में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों में भी फैल सकता है और इसलिए समय से पहले ही सख्ती बरतना जरूरी है और सरकार ने पहले से ही ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी करना शुरू कर दिया है।
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— Delhi Airport (@DelhiAirport) May 21, 2026
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है, जिसके बाद भारत सरकार ने भी जरूरी कमद उठाते हुए इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दिल्ली और इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उन यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी जो इबोला की हाई रिस्क कंट्री जैसे कांगो, युगांडा और सूडान से आ रहे हैं। साथ ही अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश से भारत में आ रहा है और उसकी कनेक्टिंग फ्लाइट इन देशों से होकर जाती है, तो भी उसकी स्क्रीनिंग की जाएगी।
भारत में इबोला वायरस आने की अभी तक कोई कन्फर्म खबर नहीं आई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अधिकारिक रूप से यह कहा है कि भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसलिए जो तैयारियां की जा रही हैं, वे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दिए गए निर्देशों को ध्यान में रखते हुई की गई हैं, ताकि जितना हो सके भारत में इस वायरस को घुसने से रोका जा सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि भारत में लोगों को इबोला से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे देश में इबोला को कोई मामला अभी तक नहीं आया है। इबोला के आने से पहले ही स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट्स पर खास सावधानियां बरतना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि लोगों को इबोला से घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है, बस सही सावधानियां बरतते रहें।
जैसे कोरोना एक वायरस है, उसी तरह से इबोला भी एक तरह का वायरस है लेकिन यह एक बेहद खतरनाक और जानलेवा संक्रमण फैलाने वाला वायरस होता है। इबोला वायरस से होने वाले संक्रमण को इबोला वायरस डिजीज (EVD) कहा जाता है। इबोला वायरस की पहचान 1976 में अफ्रीका के दो देशों सुडान और कांगो में हुई थी। इबोला वायरस का संक्रमण होने पर शरीर में निम्न लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे -
इबोला वायरस सांस के जरिए हवा में नहीं फैलता है, क्योंकि यह एयरबोर्न डिजीज नहीं है और यह प्रमुख से संक्रमित व्यक्ति के बॉडी फ्लूइड में पाया जातै है जैसे खून, पसीना, लार, उल्टी, पेशाब या शरीर से निकलने वाला कोई अन्य द्रव आदि। यह चमगादड़ के शरीर से अन्य जंगली जानवरों जैसे बंदर आदि से होते हुए इंसानों तक पहुंचा है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल इबोला को लेकर भारत में बरती जानकारियों से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल इबोला या किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।