भारत ने कोरोना के 7 हजार वेरिएंट में 24,300 म्यूटेशन का पता लगाया, म्यूटेशन से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

दिल्ली स्थित एनसीडीसी लैब के निदेशक सुजीत कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि कोरोनावायरस में 24,000 से अधिक म्यूटेशन भारत में दर्ज किए गए हैं।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : February 23, 2021 9:24 PM IST

Coronavirus Mutation in India in Hindi: भारत में जेनेटिक डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक साल में सार्स-कोव-2 के 24,000 से अधिक म्यूटेशन (Mutation) का पता लगाया है। अधिकारियों ने कहा कि कोरोनोवायरस (Coronavirus in hindi) के लगभग 7,000 वेरिएंट में म्यूटेशन का पता चला है, जो देश में सर्कुलेशन में हैं। कोविड-19 (Covid-19) के नेशनल टास्क फोर्स के एक प्रमुख सदस्य ने कहा, "हमने वायरस के 7,000 वेरिएंट में 24,300 म्यूटेशन का पता लगाया है।" इस जानकारी की प्रयोगशालाओं में काम करने वाले संपर्कों द्वारा भी पुष्टि की गई थी, जो पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्थापित भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टिया (इंसाकोग) का हिस्सा हैं, जो ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में एक नए पहचाने गए वेरिएंट के उद्भव से संबंधित है।

भारत में वायरस में 24,000 से अधिक म्यूटेशन किए गए दर्ज

इंसाकोग 10 लैबों का एक कंसोर्टियम है। केंद्र द्वारा संचालित 'नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल' कंसोर्टियम की एजेंसी है। दिल्ली स्थित एनसीडीसी लैब के निदेशक सुजीत कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि वायरस में 24,000 से अधिक म्यूटेशन भारत में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने 6,000 से अधिक वेरिएंट में इन म्यूटेशन (Coronavirus Mutation in India in Hindi) को पाया है और इसे एक इंटरनेशनल कंसोर्टियम में पेश किया है, जो भौगोलिक स्थानों में फैले वायरस (Coronavirus) के रुझानों के पूवार्नुमान और विश्लेषण के लिए डाटा एकत्र करता है।"

कोविड-19 (Covid-19) के दैनिक संक्रमण में वृद्धि के बाद से कोविड के कई स्ट्रेन (Corona news strain) को इसके पीछे जिम्मेदार माना जा रहा है, जबकि केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में संक्रमण में वृद्धि जारी है। हालांकि, सिंह ने कहा कि अब तक कोई सबूत ये नहीं बताता है कि देश में म्यूटेशन ने प्रभावी संचरण को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा, "अब तक, कुछ राज्यों में रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या में वेरिएंट और मामलों की वृद्धि के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं किया गया है। यह अभी भी जांच के दायरे में है।"

क्या है कोरोना का म्यूटेशन? (What is coronation mutation?)

सिंह ने कहा कि वायरस में 2 लाख से अधिक म्यूटेशन विश्व स्तर पर दर्ज किए गए हैं, लेकिन क्या सभी म्यूटेशन मामले की संख्या बढ़ाते हैं? म्यूटेशन (Coronavirus Mutation in India) एक रोगजनक में विकास की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। यह तभी प्रासंगिक है, जब यह बीमारी फैलाने के लिए प्रवृत्ति में बदलाव के लिए प्रेरित करता है। हाल ही में, काउंसिल फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च- सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ने एक अध्ययन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि एन440 के, एक नया कोविड-19 वेरिएंट दक्षिणी राज्यों में बहुत अधिक फैल रहा है। वैज्ञानिकों ने 5,000 से अधिक कोरोनोवायरस वेरिएंट (Coronavirus Variant) के विश्लेषण के अपने निष्कर्ष और वे महामारी के दौरान कैसे विकसित हुए, इस बारे में जानकारी पेश किए।

केरल और महाराष्ट्र के बाद अब दिल्ली में भी बढ़ी कोविड-19 संक्रमण की दर, भविष्य में हालात हो सकते हैं चिंताजनक !

स्रोत: (IANS Hindi)

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.