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बीते कुछ वर्षों में दिल की बीमारियों, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के बढ़ते मामलों को लेकर दुनियाभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा चिंता जतायी जा रही है। हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, कोविड संक्रमण के बाद होने वाली समस्याएं जिन्हें लॉन्ग कोविड (long Covid) कहा जाता है उनमें दिल से जुड़ी बीमारियों, कोरोनरी हार्ट डिजिजेज (Coronary Heart Diseases) और हार्ट फेल होने का खतरा (risk of heart failure after covid-19 infection) बहुत अधिक है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा कि रूटीन चेकअप्स और कुछ सावधानियां बरतकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। (Risk of heart attack and stroke post covid-19 in Hindi)
एक्सपर्ट्स के मुताबिक नयी बीमारी होने के कारण कोविड-19 संक्रमण के सभी लक्षणों की पहचान नहीं हो सकी है। जैसा कि कोविड संक्रमण की गम्भीरता के आधार पर लोगों में किडनी, लिवर, हड्डियों और जोड़ों के दर्द से जुड़ी समस्याएं भी देखी जा रही हैं। विशेषकर कोविड के ऐसे मरीज जिन्हें बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया जाता है उनमें ब्लड क्लॉटिंग(Blood Clotting) की स्थिति भी देखी जा रही है जो हार्ट अटैक जैसी स्थितियों का एक कारण बन सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन में सलाहकार और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन (ग्लोबल हेल्थ) में प्रोफेसर डॉ. सुभाष हीरा, प्रोफेसर (Dr. Subhash Hira, professor of Global Health at University of Washington-Seattle and an Advisor to WHO-Geneva) के अनुसार, कई मामलों में कम गम्भीर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के बारे में स्वास्थ्य इकाइयों तक जानकारी नहीं पहुंच पाती लेकिन, कोविड वैक्सीनेशन और कोविड संक्रमण के बाद हार्ट से जुड़ी बीमारियों और स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।कुछ समय पहले लैंसेट की एक स्टडी में कहा गया कि,
लैंसेट द्वारा 40 देशों के लगभगभ 26 हजार कोविड मरीजों पर की गयी एक स्टडी के मुताबिक, कोरोना के बाद जिन बीमारियों का खतरा सबसे अधिक था उनमें,