समुद्र में तैरने से बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा

अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के वार्षिक सम्मेलन 'एएसएम माइक्रोब-2019' में प्रस्तुत शोध निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि माइक्रोबायोम में बदलाव संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील हो सकते हैं।

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Written By: IANS | Published : June 24, 2019 9:11 AM IST

समुद्र में तैरने से त्वचा माइक्रोबायोम में बदल जाती है, जिससे कान और त्वचा पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाला है। अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के वार्षिक सम्मेलन 'एएसएम माइक्रोब-2019' में प्रस्तुत शोध निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि माइक्रोबायोम में बदलाव संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील हो सकते हैं।

इन संक्रमणों का होता है खतरा

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में पीएचडी छात्रा मारिसा चैटमैन नील्सन ने कहा, "हमारे डेटा ने पहली बार प्रदर्शित किया कि समुद्र के पानी के संपर्क में मानव त्वचा की विविधता और संरचना में बदलाव हो सकता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य, स्थानीयकृत और प्रणालीगत रोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।" शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि समुद्र के पानी के संपर्क में आने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल व श्वसन संबंधी बीमारी, कान में संक्रमण और त्वचा में संक्रमण हो सकता है।

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इन चीजों का रखा गया ध्‍यान

अध्ययन के लिए नौ व्यक्तियों की जांच की गई, जिन्हें 12 घंटों तक स्नान नहीं करने दिया गया। इसके अलावा उन्हें सनस्क्रीन के उपयोग की मनाही की गई। साथ ही इस बात का ध्यान रखा गया कि उन्होंने पिछले छह महीनों के दौरान कोई एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न किया हो।

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