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ब्रिटेन में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के मामले शरद ऋतु के दौरान बढ़ने के कारण सरकार ने इस वायरस के खतरे के स्तर को निम्न से मध्यम तक बढ़ा दिया है। रॉयटर्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है, जिसमें सरकार के द्वारा किए गए अपडेट का उल्लेख किया गया है। एवियन इन्फ्लूएंजा, जिसे आमतौर पर बर्ड फ्लू कहा जाता है। एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन स्तनधारियों और मानवों में भी इसके संक्रमण की संभावना बढ़ रही है। शरद ऋतु में जंगली पक्षी प्रवास के दौरान इस वायरस का प्रसार अधिक होता है, जिससे वायरस के फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
ब्रिटेन में पिछले कुछ वर्षों में बर्ड फ्लू के कई प्रकोप देखे गए हैं, जिनमें 2021 का प्रकोप विशेष रूप से उल्लेखनीय था। इसे ब्रिटेन में अब तक का सबसे बड़ा बर्ड फ्लू प्रकोप कहा गया था। इस प्रकोप के कारण बहुत सारे पक्षी प्रभावित हुए थे और पोल्ट्री उद्योग पर भी बड़ा असर पड़ा था।
जबकि बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है, इंसान में इसका संक्रमण बेहद दुर्लभ होता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बर्ड फ्लू के स्तनधारियों (जैसे कुछ मांसाहारी जानवरों) में फैलने से इसका खतरा बढ़ सकता है। यदि इस वायरस का प्रसार इंसानों में होता है, तो यह महामारी का कारण बन सकता है, जैसा कि कुछ ऐतिहासिक उदाहरणों में देखा गया है। ऐसे में मानव स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंता बढ़ी है।
ब्रिटेन सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एवियन इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के चलते, पोल्ट्री फार्मों, खुले मैदानों और जंगली पक्षियों के इलाकों में अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। संक्रमित पक्षियों से संपर्क न करने और संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति और अंडों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
ब्रिटेन में बर्ड फ्लू के पिछले प्रकोपों ने पोल्ट्री उद्योग को गंभीर नुकसान पहुंचाया था। उदाहरण के तौर पर, 2021 में हुआ प्रकोप ब्रिटेन में अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप माना गया था, जिसमें सैकड़ों हजारों पक्षी मारे गए थे। इसके बाद सरकार ने पोल्ट्री फार्मों में कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए थे और प्रभावित इलाकों में पक्षियों के मूवमेंट को कड़ी तरह से नियंत्रित किया था।
- एवियन इन्फ्लूएंजा के फैलने से पोल्ट्री उद्योग पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि इससे संक्रमित पक्षियों की मौत हो सकती है और बाजार में मुर्गे, मुर्गी या अंडों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
- ब्रिटेन की सरकार ने संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियंत्रण उपाय लागू किए हैं। इसके अलावा, संक्रमित क्षेत्र से पक्षियों के स्थानांतरण को भी प्रतिबंधित किया गया है। इस प्रकार, शरद ऋतु के दौरान जंगली पक्षियों में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के मामलों में वृद्धि ने ब्रिटेन में इस वायरस के खतरे को बढ़ा दिया है, और सरकार ने इससे निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।