केरल में 10 में से 8 ओमिक्रोन संदिग्धों की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव! Mp सरकार ने सख्त किए नए कोरोना नियम

केरल में ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित 10 संदिग्धों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए थे लेकिन इनमें से 8 की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। 2 संक्रमितों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : December 7, 2021 5:59 PM IST

देश में ओमिक्रोन वेरिएंट के संदिग्ध मामलों की जांच में जुटी केंद्र और राज्य सरकार रोगियों की टेस्टिंग को लेकर काफी सतर्कता बरत रही है। इस बीच एक राहत की खबर ये सामने आ रही है कि केरल में टेस्टिंग के लिए भेजे गए सैंपल नेगेटिव आए हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने एक बयान में कहा है कि राज्य में ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित 8 संदिग्धों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए थे लेकिन किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है।

10 में से 8 की रिपोर्ट नेगेटिव

वीना जार्ज ने ये भी कहा कि कुल मिलाकर, 10 सैंपल टेस्टके लिए भेजे गए थे, जिनमें से आठ की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने फैसला लिया था कि एट रिस्क श्रेणी वाले देशों से आए लोगों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे जाने थे। हाल ही में 10 संदिग्धों के सैंपल भेजे गए थे, जिसमें से आठ की रिपोर्ट आ गई है और दो के सैंपल के नतीजे आने वाले हैं।

केरल में सभी ओमिक्रोन सैंपल की जांच राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी को भेजे जाते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने ये भी कहा है कि सैंपल के नेगेटिव आने का मतलब ये नहीं है कि आप लापरवाही बरतें। सभी लोगों को उच्च सावधानी बरतनी होगी।

मध्य प्रदेश में सरकार सख्त

वहीं देश के कई हिस्सों में कोरोना महामारी के नए वेरिएंट के कई मामले सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। सरकार ने सभी अस्पतालों को सुविधा संपन्न बनाने का काम शुरू कर दिया है वहीं लोगों से कोरोना प्रोटोकाल फॉलो करने को कहा जा रहा है। सरकार इस बात को लेकर गंभीर है कि कोरोना की दूसरी लहर जैसे हालात न बनें।

मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है हालांकि अभी तक ओमिक्रोन का कोई मामला सामने नहीं आया है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को दरकिनार करने के लिए सरकार हर स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य के सभी बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्र लगाए जा चुके हैं, वहीं कई स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन (एआयएफ) का भी सहयोग मिल रहा है।

तीसरी लहर का खतरा बरकरार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि सरकार कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयारी है। इसके अलावा लोगों से परस्पर दूरी और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। बात करें वैक्सीनेशन तो सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में 93 प्रतिशत व्यस्कों को पहली डोज और 70 प्रतिशत को दूसरा डोज लग चुकी है। सरकार ने इस माह के अंत तक सभी पात्र लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज देने का लक्ष्य रखा है।

राज्य में कोरोना का नए वेरिएंट न फैले इसके लिए दूसरे देशों से आने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को ट्रेस किया जा रहा है। इन यात्रियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट भी किया जा रहा है और साथ ही आईडेंटिफिकेशन, आइसोलेशन, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन जैसे सभी नियमों को फॉलो किया जा रहा है।

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