भारत में महिलाओं को छोटी उम्र में भी होता है ब्रेस्ट कैंसर, एक्सपर्ट ने बताया इसका कारण

शोधकर्ताओं ने 1990 से 2014 के बीच के समय के डाटा के आधार भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में यह शोध किया है। अमेरिका में रटगर्स विश्वविद्यालय से लेखक जया एम सतगोपन ने कहा कि हमारे परिणाम भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में स्तन कैंसर के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, कई परिकल्पनाओं का सुझाव देते हुए भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों को जोखिम कारकों को बेहतर ढंग से समझने के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : October 26, 2020 11:11 AM IST

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं को होने वाला सबसे कॉमन कैंसर है। भारत में यह कैंसर बहुत तेजी से अपने पैर पसार रहा है। आलम यह कि भारत में हर 8 में से 1 महिला ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में है। सिर्फ यही नहीं एक स्टडी में तो यह भी कहा गया है कि भारत ऐसा देश है जहां कम उम्र की महिलाएं भी ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होती हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि अमेरिकी महिलाओं की तुलना में भारतीय और पाकिस्तानी महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में कम उम्र में ही आ जाती हैं।

शोधकर्ताओं ने 1990 से 2014 के बीच के समय के डाटा के आधार भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में यह शोध किया है। अमेरिका में रटगर्स विश्वविद्यालय से लेखक जया एम सतगोपन ने कहा कि हमारे परिणाम भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में स्तन कैंसर के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, कई परिकल्पनाओं का सुझाव देते हुए भविष्य के वैज्ञानिक अध्ययनों को जोखिम कारकों को बेहतर ढंग से समझने के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

ये है इसका कारण

डाक्टर्स और एक्सपर्ट कहते हैं कि भारतीय और पाकिस्तानी महिलाओं में खराब मैमोग्राम स्क्रीनिंग दर, जो परिवार के सपोर्ट न मिलने के कारण भी आती है, ब्रेस्ट कैंसर के प्रसार में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। यदि लक्षणों को पहचानकर समय रहते ब्रेस्ट कैंसर की जांच की जाए तो महिलाएं खुद को इस कैंसर से बचा सकती हैं। लेकिन लापरवाही और जांच के अभाव में महिलाएं छोटी उम्र में ही इस कैंसर की शिकार हो जाती हैं जो उम्र बढ़ने के साथ स्टेज 3 या 4 में पहुंच जाती हैं।

क्या होती है मैमोग्राम स्क्रीनिंग

आमतौपर ब्रेस्ट कैंसर की जांच मैमोग्राफी के द्वारा की जाती है। मैमोग्राफी एक एक्स-रे है जो स्तनों में किसी भी प्रकार असामान्यता या उथल पुथल का पता लगाने में मदद करता है। अक्सर यह सलाह दी जाती है कि जिन महिलाओं को स्तन कैंसर का अधिक खतरा है, उन्हें वर्ष में एक बार मैमोग्राफी करवानी चाहिए। जबकि जिन लोगों को अपने शरीर मे ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण महससू हों उन्हें भी मैमोग्राफी कराने की सलाह दी जाती है। ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

ब्रेस्ट या निप्पल में दर्द होना

ब्रेस्ट के किनारों या बगल के आसपास दर्द और गांठ जैसा महसूस होना

निप्पल्स का अंदर की तरह धंसना

निप्पल का मोटा होना

ब्रेस्ट के साइज का बदलना

निप्पल से लिक्विड डिसचार्ज होना

निप्पल में लालपन आना

हड्डी मे दर्द होना

निप्पल्स से खून आना