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आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने कहा, डरने की जरूरत नहीं, कोरोना की तीसरी लहर आई तो जल्द होगी खत्म

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा है कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर जल्द खत्म हो जाएगी और यह राहत की बात होगी कि 10 में से 1 व्यक्ति को ही हॉस्टिपल की जरूरत होगी। 

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने कहा, डरने की जरूरत नहीं, कोरोना की तीसरी लहर आई तो जल्द होगी खत्म
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने कहा, डरने की जरूरत नहीं, कोरोना की तीसरी लहर जल्द होगी खत्म

Written by Anshumala |Updated : January 3, 2022 2:38 PM IST

Corona Third wave in India: देश में कोरोनावायरस के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। लोगों को फिर चिंता सता रही है कि इस बार कोरोना का कैसा रूप देखने को मिलेगा। लेकिन, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने लोगों को डरने और चिंता करने की बजाय कोरोना के प्रोटोकॉल को फॉलो करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी शुभ संकेत दिया है कि कोरोनावायरस की तीसरी लहर जल्द ही खत्म हो जाएगी। संभवत: अप्रैल में कोरोना की तीसरी लहर समाप्त हो जाएगी। हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा है कि चुनाव के दौरान रैलियों में खास सावधानी बरतने की जरूरत है। इन जगहों पर भीड़ अधिक होती है, ऐसे में कोरोना संक्रमण स्प्रेड हो सकता है। इस तरह की सभाओं में कोविड दिशानिर्देशों का पालन करना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि यदि गाइडलाइंस का पालन किए बिना बड़ी संख्या में लोग चुनावी रैलियों में पहुंचेंगे, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

बरतनी होगी सावधानी 

हर किसी को हर जगह खास सावधानी बरतने की जरूरत है। रैलियों में संक्रमण ना बढ़े इसके लिए कोरोना के नियमों का पालन सख्ती से करना होगा। अपने गणितीय मॉडल के आधार पर महामारी की भविष्यवाणी करने वाले प्रोफेसर अग्रवाल के मुताबिक, जनवरी में भारत में तीसरी लहर आएगी और मार्च में प्रत्येक दिन 1.8 लाख मामले आ सकते हैं।

उन्होंने कहा, 'यह राहत की बात होगी कि 10 में से 1 को ही व्यक्ति को हॉस्पिटल की जरूरत होगी। मार्च के मध्य में दो लाख बेड की जरूरत होगी। अफ्रीका और भारत में 80 फीसदी आबादी 45 साल से कम उम्र की है। दोनों देशों में प्राकृतिक प्रतिरक्षा 80 प्रतिशत तक है। दोनों देशों में डेल्टा वेरिएंट म्यूटेंट के कारण हुआ है। उन्होंने दावा किया कि दक्षिण अफ्रीका की तरह भारत पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना कम है।

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स्रोत : (IANS Hindi)

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