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Written By: Yogita Yadav | Published : February 28, 2019 4:57 PM IST
Increasing paternal age has also been linked to an increased risk of genetic disease. © Shutterstock.
अभी तक यह माना जाता था कि मां की सेहत का गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। पर अब जो शोध परिणाम सामने आए हैं उसने सभी को चौंका दिया है। शोध में पाया गया है कि मोटे लोगों के शुक्राणुओं में भी परिवर्तन आ जाता है जिससे उससे उत्पन्न होने वाली संतान उन बीमारियों को आनुवांशिक तौर पर साथ लेकर आती है। इसलिए अगर आप पापा बनना चाहते हैं तो अपनी संतान की सेहत के लिए पहले अपना वजन कम कीजिए।
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मोटापा बन गई है बड़ी समस्या
बदले परिवेश में सभी का लाइफ स्टाइल भी बदल गया है। जिसकी वजह से ज्यादातर लोग मोटापे के शिकार हो रहें हैं। कभी-कभी यह भी देखने में आया है कि अच्छी डायट और व्यायाम होने के बावजूद लोग मोटे हो जाते हैं। यहां ऑबेसिटी बढाने वाला सबसे बड़ा फैक्टर तनाव सामने आया। ऐसे लोगों में मां या पिता बनने में भी परेशानी देखी गई। यही वजह है कि विशेषज्ञ बेबी प्लान करने से पहले जोड़ों को अपनी सेहत दुरुस्त करने की सलाह देते हैं।
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क्या कहता है शोध
माता-पिता की हेल्थ का बच्चों की हेल्थ पर असर जानने के लिए किए गए इस शोध में यह सामने आया कि मोटे व्यक्तियों के शुक्राणुओं में भी बदलाव आ जाता है, जिससे उनके बच्चों में डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के शोधकर्ताओं का दावा है कि गर्भाधान के वक्त पिता के वजन, खानपान और उनके होने वाले बच्चों को डायबिटीज होने की बात पहली बार सामने आई है। शोध के परिणाम नेचर जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।
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इस तरह रखें अपना ध्यान
इसलिए अगर आप अपने होने वाले बच्चे को डायबिटीज और ऑबेसिटी जैसी बीमारियों के जोखिम से बचाना चाहते हैं तो बेबी प्लान करने से पहले ही अपनी सेहत पर ध्यान दें। अपने रूटीन में हेल्दी डायट, व्यायाम और कुछ पॉजीटिव एक्टीविटीज शामिल करें, जिससे तन-मन दोनों तरह से आप तंदरुस्त हो सकें।