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Written By: Pallavi Kumari | Updated : May 5, 2022 12:39 PM IST
दिल्ली में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। आज यहां स्थिति ये है कि पॉजिटिविटी रेट 7 प्रतिशत के ऊपर (positivity rate in delhi today) है। शहर में रोजाना 1000 से ज्यादा नए कोविड मरीज मिल रहे हैं और अब हर किसी को चिंता है कि आगे चल कर होगा क्या? तो, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत कुछ नियम बनाए गए हैं जिसमें कि पॉजिटिविटी रेट के तहत अलग-अलग अलर्ट जारी हो सकते हैं। बता दें कि ये स्थिति पिछले कोरोना लहर के दौरान भी रही है और आने वाले समय में कोविड पॉजिटिविटी रेट ऐसी ही रही तो आगे चल कर हम दिल्ली में भी कई प्रकार की पाबंदियां (positivity rate and alert rate in delhi) देख सकते हैं।
दिल्ली में इस समय पॉजिटिविटी रेट 7 प्रतिशत के ऊपर है इसलिए हो सकता है कि आगे ऐसा ही होता रहा तो रेड अलर्ट लग जाए। इसके कारण को समझने के लिए हमें ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान ( Graded Response Action Plan) को समझना होगा जो कि पॉजिटिविटी रेट और कोरोना मामलों की संख्या के आधार पर अलग-अलग अलर्ट लगाने के प्रावधान से जुड़ा हुआ है। जैसे कि अगर पॉजिटिविटी रेट दो दिनों के लिए 0.5% पर रही या 1,500 के पार मामले आते हैं, तो येलो अलर्ट (Yellow alert) हो सकता है। दूसरा लेवल 2 अलर्ट या एम्बर अलर्ट (amber alert) 1% से अधिक की पॉजिटिविटी रेट और औसत मामलों 3,500 से ज्यादा आने पर लग सकता है। इसके अलावा लेवल 3 (Orange Alert) और लेवल 4 (Red Alert) अलर्ट कहलाता है जो कि पॉजिटिविटी रेट 2% और 5% से अधिक होने पर होता है। हालांकि, इस अलर्ट को ट्रिगर करने के लिए अन्य मापदंडों में दैनिक मामले 9,000 और 16,000 से अधिक होना चाहिए। इस तरह अगर सिर्फ पॉजिटिविटी रेट पर ध्यान दें तो, दिल्ली में आगे चल कर रेड अलर्ट हो सकता है।
रेड अलर्ट के तहत (red alert in delhi in hindi) अलग-अलग पाबंदियां तय की गई हैं। जैसे कि सकारात्मकता दर लगातार दो दिनों तक पांच प्रतिशत से अधिक है तो यह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित जीआरएपी के तहत एक 'रेड अलर्ट' को ट्रिगर करेगा जिससे कर्फ्यू लग सकता है और अधिकांश आर्थिक गतिविधियों को रोक दिया जाएगा। उदाहरण के लिए
1. रात में कर्फ्यू के साथ-साथ वीकेंड कर्फ्यू के बारे में सरकार सोच सकती है।
2. गैर-आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित दुकानें और प्रतिष्ठान बंद हो सकते हैं।
3. मॉल और साप्ताहिक बाजार भी बंद हो सकते हैं।
4. रेस्तरां और बार बंद हो सकते हैं और केवल आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी की अनुमति होगी।
5. सिनेमा हॉल, बैंक्वेट, स्पा, योग संस्थान और ब्यूटी सैलून को भी बंद करने के लिए कहा जा सकता है
6. होटल और लॉज खुले रहने की अनुमति होगी, लेकिन इस शर्त के साथ कि होम डिलीवरी होगी।
7. आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने वालों को छोड़कर सरकारी कार्यालय भी बंद हो सकते हैं।
8. प्राइबेट ऑफिस पर भी पाबंदियां लग सकती हैं।
9. शादियों और अंतिम संस्कार के लिए सभाओं की सीमा को भी कम किया जाएगा।
इस तरह रेड अलर्ट लगने पर आप कई सारे बदलाव देख सकते हैं। बस आपको एक चीज और ध्यान रखना है कि जीआरएपी लागू होने पर दिल्ली पहुंचने वाले लोगों को एक पूर्ण टीकाकरण प्रमाणपत्र या एक नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है और नहीं होने पर 14 दिन क्वारंटाइन में रहना पड़ सकता है। हालांकि, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि कोविड की हर स्थिति पर दिल्ली सरकार की नजर है और वर्तमान स्थिति में चीजें कंट्रोल में है और बड़े प्रतिबंध की जरूरत नहीं है।