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नए तरह के प्रोस्टेेट कैंसर की हुई पहचान, जानें कैसे होगा उपचार

प्रोस्टेेट कैंसर के करीब सात फीसदी मरीजों में हुई पहचान

अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय में हुए एक शोध में प्रोस्‍टेट कैंसर के एक नए उप प्रकार की पहचान हुई है। सेल नामक पत्रिका में प्रकाशितशोध के अनुसार यह प्रोस्‍टेट कैंसर के सात फीसदी मरीजों में पाया जाता है। ऐसे मरीजों को इम्‍यूनोथेरेपी से फायदा हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने प्रोस्टेट कैंसर के एक नए उपप्रकार की पहचान की है, जो करीब सात फीसदी मरीजों में विकसित होता है। इस उपप्रकार के लक्षण का पता जीन सीडीके12 के नुकसान की वजह से चला है। यह शुरुआती ट्यूमर अवस्था के ट्यूमर की तुलना में आम तौर पर मेटास्टैटिक प्रोस्टेट कैंसर में पाया जाता है। इस शोध का प्रकाशन सेल नामक पत्रिका में हुआ है।

अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शोध लेखक अरुल चिन्नायन ने कहा, "प्रोस्टेट कैंसर बहुत ही आम है, इसलिए सात फीसदी काफी संख्या है।" शोध में कहा गया है कि जिन ट्यूमरों में सीडीके12 निष्क्रिय था, वे प्रतिरक्षा चेकपॉइंट अवरोधकों के प्रति प्रतिक्रिया देते हैं। प्रतिरक्षा चेकपॉइंट अवरोधक इम्यूनोथेरेपी उपचार का एक प्रकार है, जिससे प्रोस्टेट कैंसर में सीमित सफलता मिली है।

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चिन्नायन ने कहा, "तथ्य यह है कि इम्यून चेकपॉइंट इनहिबिटर इस प्रकार प्रोस्टेट कैंसर के उपप्रकार के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं, जो इसे काफी खास बनाते हैं। यह सीडीके12 परिवर्तन वाले मरीजों के लिए संभावना पैदा करती है और उन्हें इम्यूनोथेरेपी से फायदा हो सकता है।"

स्रोत:IANS Hindi.

चित्रस्रोत:Shutterstock.

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