छोटे बच्चों में मंकीपॉक्स होने का खतरा ज्यादा, ICMR ने कहा लक्षणों पर रखनी होगी कड़ी नजर

Monkeypox in kids: मंकीपॉक्स अब तक 23 देशों में फैल चुका है और कुछ 257 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMCR) का कहना है कि बच्चों में इसके फैलने का खतरा ज्यादा है।

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Written By: Pallavi Kumari | Published : May 30, 2022 9:20 AM IST

Monkeypox in india: देश दुनिया में इस समय कोरोना और मंकीपॉक्स को लेकर एक चिंताजनक माहौल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर के अब तक 23 देशों मंकीपॉक्स फैल चुका है और 257 मामलों की पुष्टि हो चुका है। वहीं, लगभग 120 संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट मिली है। अब बात भारत की करें तो, भारत में मंकीपॉक्स के मामले फिलहाल नहीं है लेकिन हर किसी को सर्तक रहने को कहा गया है। दरअसल, मंकीपॉक्स के तेजी से फैलने के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMCR) ने चेतावनी जारी की है छोटे बच्चों में इस बीमारी का खतरा अधिक होता है जिसके कारण इसके लक्षणों पर नजर रखनी होगी।

बच्चों में मंकीपॉक्स फैलने का डर ज्यादा क्यों है-Monkeypox in kids

दरअसल, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMCR) के वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनियाभर में फैलते मंकीपॉक्स के मामलों के बीच हम तैयार हैं, लेकिन हमें सबसे ज्यादा अपने छोटे बच्चों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसा इसलिए कि बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है और कुछ बच्चों को हो सकता है चेचक का टीका ना लगा हो, इस स्थिति में इनमें मंकीपॉक्स संक्रमण का खतरा ज्यादा है।

लक्षणों पर रखनी होगी कड़ी नजर

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMCR) के रिपोर्ट में बताया गया है कि भले ही भारत में भले ही मंकीपॉक्स के एक भी लक्षण नहीं हैं लेकिन हमें हर किसी में इसके लक्षणो को लेकर नजर रखनी होगी। जैसे कि तेज बुखार, शरीर पर चक्कते और लिंफ नोड्स में सूजन आना।

मंकीपॉक्स के संक्रमण की जांच के लिए RT-PCR टेस्ट किट तैयार

इस बीच, भारतीय निजी स्वास्थ्य उपकरण कंपनी (Trivitron Healthcare) ने मंकीपॉक्स के संक्रमण की जांच के लिए RT-PCR टेस्ट किट तैयार की है। यह किट एक घंटे के अंदर रिजल्ट देने में सक्षम होगी।

बच्चों को मंकीपॉक्स से बचाव के लिए टिप्स

- बच्चों में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। जिसमें कि साबुन और पानी या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर के साथ 20 सेकंड के लिए इस्तेमाल करें।

-जानवरों से बच्चों को दूर रखें। ये संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

-मीट बनाते समय इसे अच्छी तरह से पकाएं।

-रैशेज वाले व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।

-किसी बीमार मरीज के किसी भी तरल पदार्थ या वस्तु के संपर्क में आने से बचें।

बता दें कि अब तक 23 देशों से मंकीपॉक्स के 257 मामले सामने आ चुके हैं जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को कहा कि उन देशों से करीब 100 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं जहां मंकीपॉक्स आमतौर पर नहीं पाया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने शुक्रवार दोपहर तक आठ राज्यों में 12 मामले दर्ज किए हैं। पांच अफ्रीकी देशों में जहां मंकीपॉक्स आमतौर पर पाया जाता है, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसे वायरस के कारण 1,365 मामलों और 69 मौतों की रिपोर्ट मिली है।

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