
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 15, 2022 2:28 PM IST
कोरोना के बाद अब दुनिया में मंकीपॉक्स का डर बना हुआ है। जहां दुनिया पहले ही कोरोना से जूझ रही थी, ऊपर से कई देशों में मंकीपॉक्स के कारण भी स्थिति खराब होती जा रही है। 75 से ज्यादा देशों में फैल चुके मंकीपॉक्स के दुनियाभर में लगभग 19000 सामने आ चुके हैं। हालांकि, अभी भारत में स्थिति खराब तो नहीं हुई है, लेकिन दूसरे देशों का हालत देखते हुए भारत के स्वास्थ्य विभाग पहले से ही अलर्ट पर हैं और इस संक्रमण से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने मंकीपॉक्स के लिए वैक्सीन और जांच की किट (डायग्नोस्टिक किट) तैयार करने के प्रोग्राम के रूप में 29 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है, कि शायद अब मंकीपॉक्स वैक्सीन और जांच की किट तैयार करने में ज्यादा समय न लग पाए। इन कंपनियों को वास्तव में आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी (NIV) पुणे के सहयोग के लिए चुना गया है।
आईसीएमआर के शोधकर्ताओं ने जून में मंकीपॉक्स के पहले वायरस स्ट्रेन को अलग किया था। इसपर कंपनियों मंकीपॉक्स वैक्सीन बनाने व इन-विट्रो डायग्नोस्टिक किट तैयार करने के प्रति रुचि जानने के लिए भी आमंत्रित किया गया था। लाइवमिंट पर पब्लिश की गई जानकारी के मुताबिक आईसीएमआर को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, बायोलॉजिकल ई, हाफकिन इंस्टीट्यूट और मुंबई व इंडियन इम्यूनोलॉजिकल इंस्टीट्यूट से एप्लीकेशन प्राप्त हुई।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि हमें फार्मा कंपनियों से 31 एप्लीकेशन मिली हैं। शुक्रवार को हुई मीटिंग के अनुसार हमने 31 में से 29 कंपनियों को चुना है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ये सभी कंपनियां इस प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगी। आईसीएमआर के साथ कॉलेबोरेशन से पहले उनके दस्तावेजों और अनुभव की जांच की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि सभी कंपनियों के दस्तावेजों और अनुभव की जांच की जाएगी, जिसमें समय लग सकता है। वहीं 8 फार्मा कंपनियों ने मंकीपॉक्स वैक्सीन बनाने के लिए अपनी एप्लीकेशन दी है, जबकि 23 कंपनियों की रुचि टेस्टिंग किट बनाने में है।
भारत में मंकीपॉक्स संक्रमण के 10 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 5 मामले केरल और 5 मामले दिल्ली में पाए गए हैं। अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार दुनियाभर में मंकीपॉक्स के लगभग 19000 हजार मामले मिल चुके हैं। हालांकि, मंकीपॉक्स से निपटने के लिए स्मॉलपॉक्स वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।