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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल डॉ. समीरान पांडा का कहना है कि देश के प्रमुख राज्य महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में फरवरी के अंत तक कोविड की तीसरी लहर कम होना शुरू हो जाएगी। इतना ही नहीं इस महीने के अंत तक इन राज्यों में कोविड के जितने भी बढ़े हुए मामले थे वो वापस से अपने बेस लेवल पर आ जाएगा।
डॉ. समीरान का कहना है कि देश में कोविड के कुल मामलों में कमी मार्च के अंत में देखने को मिलेगी।
महामारी विशेषज्ञ का कहना है कि डॉ. चंद्रकान्त लहरिया ने एक अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट को ये बताया कि देश भर में अगले तीन से चार सप्ताह में तीसरी लहर खत्म हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत में कोविड के 90 फीसदी मामलों में ओमिक्रोन है जबकि डेल्टा के सिर्फ 10 फीसदी मामले हैं। कोरोना के मामलों में उतार-चढ़ाव विश्व भर में लगा ही रहता है।
आईसीएमआर द्वारा मैथामैटिकल बेस्ड प्रोजेक्शन के मुताबिक, इन राज्यों में अभी तक सबसे ज्यादा उछाल और गिरावट इस महीने के भीतर ही दिखाई देगी। आईसीएमआर द्वारा तैयार किए गए इस क्रॉमिक मॉडल और इंपीरियल कॉलेज लंदन प्रोजेक्ट की मानें तो भारत में इस साल मार्च के बीच में कोविड के खात्मेका चरण शुरू हो सकता है।
इस महामारी से जुड़ी बीमारी के कुल आंकड़े ये बताते हैं कि महामारी अब स्थिर हालात की ओर बढ़ रही है। अगर भविष्य में कोविड वायरस का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आता है तो चीजें हमारे कंट्रोल में होंगी और वो भी बेहतर तरीके से।
डॉ. पांडा का कहना है कि महामारी अब स्थानिक चरण की ओर बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जनवरी की शुरुआत में जिन राज्यों व जिलों में कोविड के ज्यादातर मामले दर्ज किए गए थे वहां अब तेजी से संक्रमण दर में कमी देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि हम कह सकते हैं कि फरवरी के अंत में कोविड मामलों में गिरावट देखने को मिलेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी की गई प्रेजेंटेशन से ये पता चला है कि महाराष्ट्र में कोविड के मामलों में काफी गिरावट दर्ज की गई है। यह उन 34 राज्यों में शामिल है जहां कोविड के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के विशेषज्ञों ने भी कहा कि राज्य के अधिकांश जिलों में गिरावट का रुख शुरू हो गया है।