
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 28, 2021 1:06 PM IST
कोरोना की दूसरी लहर की पीक का सामना कर चुका भारत अब कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयार हो रहा है। वर्तमान में भारत में कोरोना संक्रमण के मामले काफी कंट्रोल में हैं, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave In India) का खतरा टला नहीं है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) की नई स्टडी के अनुसार, डॉक्टर एनके अरोड़ा, चेयरमैन और कोविड वर्किंग ग्रुप कहते हैं कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर आने में अभी वक्त है। अभी तक उम्मीद लगाई जा रही थी कि कोरोना की तीसरी लहर जुलाई अंत या अगस्त की शुरुआत में आ सकती है लेकिन ऐसा नहीं है। डॉक्टर अरोड़ा का कहना है '' ICMR ने एक नई स्टडी की है जिसके अनुसार कोरोना की तीसरी लहर आने में अभी 6-8 महीने का वक्त है। 6-8 महीने के इस विंडो पीरियड में हमें भारत की ज्यादा से ज्यादा जनता को वैक्सीनेट करना है। आने वाले दिनों में हमारा टारगेट है कि रोज करीब 1 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जाए।'' इस रिसर्च के मुताबिक भारत में कोरोना की तीसरी लहर साल के अंत यानि कि दिसंबर से लेकर फरवरी 2022 तक आ सकती है। कोरोना का आने वाला रूप कैसा हो सकता है इस पर डॉक्टर अरोड़ा कहते हैं कि यह वायरस के नए वेरिएंट पर निर्भर करता है। कोरोना के एक नये वेरिएंट डेल्टा प्लस (Delta Plus Variant) के केस भारत के कई राज्यों में मिल चुके हैं।
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डेल्टा प्लस वेरिएंट के बार में बात करते हुए डॉक्टर अरोड़ा कहते हैं कि अब तक भारत में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 52 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से एक केस फरीदाबाद में भी मिला है। डेल्टा वेरिएंट कितना खतरनाक है इसका जवाब देते हुए डॉक्टर कहते हैं कि हालांकि अभी तक डेल्टा के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन यह साफ है कि यह बहुत खतरनाक है और सीधा फेफड़ों पर अटैक करता है। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि यह बहुत फैलेगा। डॉक्टर कहते हैं कि भारत में डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta Plus Variant) का पहला केस अप्रैल महीने में दिखा था। तभी से इस पर रिसर्च जारी है लेकिन अभी तक इसकी प्रभावशीलता का पता नहीं चला है।
डॉक्टर अरोड़ा का कहना है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta Plus Variant) के बारे में कुछ भी कहने से बेहतर होगा कि अभी रिसर्च के नतीजों का इंतजार किया जाए। हालांकि ये सच है कि यह वेरिएंट काफी खतरनाक है इसलिए इसके प्रति सावधान होने की जरूरत है। डेल्टा प्लस वेरिएंट के लक्षणो में सिर में दर्द, गले में दर्द और खराश, नाक का बहना और बुखार शामिल है। डॉक्टर बजाज का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि एग्जिस्टिंग वैक्सीन (Existing Vaccine) डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta Plus variant) पर भी काम करेगी या नहीं। क्योंकि अभी यह देखने की जरूरत है कि कोरोना का ये नया वेरिएंट इम्युन सिस्टम पर क्या प्रभाव डालता है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों प्रभावी हैं।