ICMR ने पैकेज्ड फूड्स और ड्रिंक्स में शुगर की मात्रा को लेकर जारी की नई गाइडलाइन, जानें क्या है नई लिमिट

ICMR ने नई गाइडलाइन्स जारी कर कहा कि पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स में शुगर की सीमा तय की जानी चाहिए।

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Written By: priya mishra | Published : May 31, 2024 10:13 AM IST

हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) द्वारा आहार संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। दिशानिर्देशों में सुझाव दिया गया है कि पैकेज्ड फूड और पेय पदार्थ में शुगर की मात्रा तय होनी चाहिए। आमतौर पर अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में चीनी का अधिक मात्रा में इस्तेमाल होता है इसलिए इसका सेवन सीमित करना चाहिए।

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का नियमित सेवन सेहत के लिए हानिकारक

गाइडलाइंस में कहा गया है कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड और हाई सैचुरेटेड फैट के नियमित सेवन से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी रोग और एनीमिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। प्रोसेस्ड फूड्स में कैलोरी की मात्रा अधिक और फाइबर की मात्रा कम होती है। गाइडलाइंस में कहां गया है कि जेम्स, फ्रूट पल्प, कार्बोनेटेड बेवरेज, हेल्थ ड्रिंक समेत ऐसे खाद्य पदार्थों का सीमित प्रयोग ही करें।

पैकेज्ड फूड्स में तय हो शुगर की मात्रा

आईसीएमआर ने कहा है कि पैकेज्ड फूड्स और ड्रिंक में इस्तेमाल की जाने वाली एडेड शुगर और टोटल शुगर की सीमा तय की जानी चाहिए। ठोस पदार्थों के लिए टोटल एनर्जी इनटेक की 5 प्रतिशत शुगर होनी चाहिए। वहीं, सभी तरह की शुगर के लिए यह सीमा 10 प्रतिशत होनी चाहिए। पेय पदार्थों के लिए सभी तरह की शुगर से एनर्जी इनटेक की सीमा 30 प्रतिशत तय करने की सिफारिश की गई है।

प्रोसेस्ड फूड्स में होती है चीनी की अधिक मात्रा

इससे पहले आईसीएमआर और एनआईएन ने जो दिशा-निर्देश जारी किए थे, उसमें बताया था कि खाने-पीने में लापरवाही से कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। स्वस्थ रहने के लिए ज्यादा तेल, नमक और चीनी का सेवन करने से बचना चाहिए। जरूर से ज्यादा चीनी और नमक का सेवन करने से मोटापा, हार्ट डिजीज, डायबिटीज और स्किन संबंधी समस्याएं समेत कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।

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