ICMR Guidelines for Type-1-Diabetes: टाइप-1-डायबिटीज के लिए आईसीएमआर ने जारी कीं गाइडलाइंस, पढ़ें डिटेल्स

यह पहली बार है कि संस्था की तरफ से टाइप-1 डायबिटीज के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इससे पहले टाइप-2 डायबिटीज के लिए गाइडलाइंस जारी की गयीं थीं। (ICMR Guidelines for Type-1-Diabetes)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 6, 2022 7:09 PM IST

ICMR Guidelines for Type-1-Diabetes: डायबिटीज के मरीजों के लिए कोविड-19 संक्रमण का खतरा बहुत अधिक है और इसीलिए, कोरोना वायरस महामारी के आने के बाद से डायबिटीज के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने सोमवार को भारत में टाइप-1 डायबिटीज के मैनेजमेंट के लिए गाइडलाइंस जारी की। यह पहली बार है कि संस्था की तरफ से टाइप-1 डायबिटीज के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इससे पहले टाइप-2 डायबिटीज के लिए गाइडलाइंस जारी की गयीं थीं। (ICMR Guidelines for Type-1-Diabetes in Hindi)

टाइप-2-डायबिटीज के लिए पहले जारी की जा चुकी हैं गाइडलाइंस

ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव ने मीडिया को इन गाइडलाइंस के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "आईसीएमआर दिशानिर्देश ऐसे समय में जारी किए जा रहे हैं जब सार्स-कोविड-2 महामारी ने डायबिटीज से पीड़ित लोगों को बहुत अधिक पर प्रभावित किया है, जिससे उन्हें गंभीर बीमारी और कोविड से मृत्यु दर के लिए हाई रिस्क ग्रुप माना जा रहा है।" गौरतलब है कि आंकड़ों के अनुसार, भारत को दुनिया का ऐसा दूसरा क्षेत्र घोषित किया है जहां वयस्कों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इन आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में डायबिटीज से पीड़ित हर छठवां व्यक्ति एक भारतीय (Diabetes patients in India) है।

भारत में डायबिटीज मरीजों की संख्या अधिक

आईसीएमआर ने दिशानिर्देशों में यह कहा गया है कि दुनिया में 10 लाख से अधिक बच्चों और टीनएजर्स को टाइप-1 डायबिटीज है और इंटरनेशनल डायिबिटीज फेडरेशन (International Diabetes Federation) की एक हालिया रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि, भारत में टाइप-1 डायबिटीज के मरीज सबसे अधिक पाए गए हैं। वहीं, आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन दशकों में देश में मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्री-डायबिटीज का बढ़ता प्रचलन निकट भविष्य में डायबिटीज में और वृद्धि का संकेत देता है। आईसीएमआर ने दिशानिर्देशों में कहा है कि,

  • भारत में मधुमेह उच्च से मध्यम आय वर्ग और समाज के वंचित वर्गो तक पहुंच गया है। विश्व स्तर पर मधुमेह 2019 में चार मिलियन से अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार था।
  • सभी देशों में मधुमेह से जुड़ी जटिलताओं और मौतों की व्यापकता में काफी विविधता थी।
  • आईसीएमआर ने दिशानिर्देशों में बताया है कि जिस उम्र में टाइप 2 डायबिटीजहो रहा है, उसमें शरीर में कमी, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में यह बिमारी फैल रही है, यह अत्यधिक चिंता का विषय है।

(आईएएनएस)

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