Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

क्या ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है कोविशील्ड और कोवैक्सीन? ICMR के वैज्ञानिक से जानिए जरूरी जानकारी

ICMR के एक वैज्ञानिक ने इस बात पर से पर्दा उठाया है कि क्या कोविड-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खिलाफ कोवैक्सीन और कोविशील्ड प्रभावी साबित हो सकती हैं। जानिए क्या है उनकी राय।

क्या ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है कोविशील्ड और कोवैक्सीन? ICMR के वैज्ञानिक से जानिए जरूरी जानकारी
क्या ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है कोविशील्ड और कोवैक्सीन? ICMR के वैज्ञानिक से जानिए जरूरी जानकारी

Written by Jitendra Gupta |Published : November 28, 2021 10:49 AM IST

दुनिया भर में कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरिएंट से डर का माहौल है और इस बीच दक्षिण अफ्रीका समेत कुछ देशों में फैला कोविड-19 का नया वेरिएंट ओमिक्रोन दूसरे वेरिएंट से और भी ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। इस घातक वेरिएंट के मामले सामने आने के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सक्रिय होने और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा दिशानिर्देशों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इस घातक वेरिएंट के बारे में मिली अब तक की जानकारी के आधार पर, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के एपिडमियोलॉजी और संचारी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में बताया है कि कोविड से बचने के लिए लगाई जा रही एमआरएनए वैक्सीन ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी नहीं हो सकती है।

डबल्यूएचओ ने माना चिंता का विषय

डॉ. पांडा का कहना है कि एमआरएनए वैक्सीन को स्पाइक प्रोटीन और रिसेप्टर इंटरैक्शन को निशाना बनाना के लिए भेजा जाता है। एमआरएनए वैक्सीन को शरीर में होने वाले इस बदलाव के आसपास निशना बनाने की आवश्यकता है लेकिन सभी वैक्सीन एक जैसी नहीं हैं। उनके मुताबिक, कोविशील्ड और कोवैक्सिन हमारे शरीर में एक अलग एंटीजन भेजकर इम्यूनिटी पैदा करती है।

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रोन वेरिएंट को चिंता के एक विषय के रूप में वर्गीकृत किया है, हालांकि इस बारे में अभी और जानकारी की जरूरत है।

Also Read

More News

इम्यून सिस्टम को भेद सकता है ये वेरिएंट

रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा कहा जा रहा है कि ये वेरिएंट पहले के वेरिएंट के मुकाबले और तेजी से फैल सकता है और मजबूत इम्यून सिस्टम को भी भेद सकता है। डॉ पांडा का कहना है कि वैज्ञानिकों ने अब तक ओमिक्रोन के बारे में जो जानकारी हासिल की है वो है संरचनात्मक बदलाव। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि होना बाकी है और इस पर और अध्ययन की आवश्यकता है कि यह वेरिएंट कोविड के दूसरे वेरिएंट की तुलना में अधिक घातक है कि नहीं।

पांडा ये भी कहते हैं कि इस नए वेरिएंट में संरचनात्मक बदलाव देखे गए हैं जो इस वेरिएंट के तेजी से फैलने की संभावना को बढ़ाते हैं। लेकिन क्या वैरिएंट वास्तव में कितनी तेजी से फैल सकता है या फिर आपको दूसरे संक्रमण का शिकार बना सकता है इसकी जानकारी प्राप्त होने में थोड़ा और समय लग सकता है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जांच से यहां मतलब लैब बेस्ड जानकारी जुटाना और जनसंख्या आधारित अध्ययन करने से हैं।

घातक है या नहीं अभी और जांच की जरूरत

डॉ. पांडा के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ इसकी जांच कर रहा है और हमें इस बात का पता लगाने के लिए कुछ और समय की जरूरत है कि क्या संक्रमण वाकई में किसी गंभीर बीमारी का कारण बन रहा है या फिर इससे मौत भी हो सकती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए डब्ल्यूएचओ ने इसे एक गंभीर वेरिएंट के रूप में घोषित किया है।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

डॉ. पांडा के मुताबिक, वैज्ञानिक पहले ही इस बात का पता लगा चुके हैं कि इस वेरिएंट के 10 म्यूटेशन हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक वेरिएंट के जितने अधिक म्यूटेशन होते हैं, यह उतनी ही तेजी से फैलता सकता है, लेकिन ये इसे घातक नहीं बनाता है। भारत में अब तक इस वेरिएंट का कोई मामला नहीं सामने आया है और केंद्र ने पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। इसके साथ ही सभी राज्यों ने अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं।

About the Author

... Read More